केंद्र से हिमाचल प्रदेश के आटे के कोटे में कटौती के बाद ऊना जिले में करीब 88 हजार परिवारों का आटा गीला हो गया है। यानी जनवरी से अब जिले के 88 हजार एपीएल परिवारों को सस्ते राशन के डिपुओं में आटा नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश में आने वाले आटे के कोटे में कटौती करने से आम वर्ग के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। आमतौर पर ऊना जिले के लोग चावल खाना कम ही पसंद करते हैं, जिससे लोगों को सस्ते राशन के डिपुओं में आटा न मिलने से दुकानों पर मंहगे दामों पर आटा खरीदना पड़ेगा। दुकानों पर 20 से लेकर 22 रुपये प्रति किलो के हिसाब से आटा बिक रहा है।
जबकि, सस्ते राशन के डिपुओं में साढे़ आठ रुपये प्रति किलो के हिसाब से एपीएल कार्ड धारकों को आटा मिल रहा था। डिपुओं में एपीएल कार्ड धारकों को 13 से 14 किलो आटा हर माह दिया जाता रहा है। महंगाई के दौर में सस्ता आटा न मिलने से लोगों की दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं। लोगों विजय, रोहित कौशल, राम कुमार, पंकज, नितिश, भगवंत किशोर, शिव कुमार, विनोद कुमार, मुकेश पुरी, मनोहर लाल, मोहित, विवेक, नरेश, अनिल, देवराज के अलावा गृहिणियों में ममता, सुनीता, विमला, दीपिका, अनु, प्रेरणा, वनिता, अर्चना, मनीषा, मीनाक्षी, शिवानी, डिंपल, सरिता शर्मा और सुमन शर्मा आदि का कहना है कि डिपुओं में सस्ता आटा न मिलने से उन्हें मंहगे दामों पर दुकानों से आटा खरीदना पड़ेगा। ऐसे में लोगों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। उधर, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक लक्ष्मण कनेत का कहना है कि इस माह उपभोक्ताओं को डिपुओं को आटे का कोटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार जनवरी से मार्च माह तक डिपुओं में एपीएल परिवारों को आटा नहीं मिलेगा।