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एबीवीपी ने किया कालेज प्राचार्य का घेराव

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एबीवीपी ने किया कॉलेज प्राचार्य का घेराव
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ऑनलाइन फार्म न भरे जाने पर जताया रोष, करीब आधे घंटे तक कार्यालय में हंगामा
कॉलेज की मुख्य समस्याओं को उठाया, कहा- समस्याएं हल न हुईं तो होगा प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। डिग्री कॉलेज ऊना में ऑनलाइन दाखिलों में विद्यार्थियों को पेश आ रही समस्याओं को लेकर कॉलेज प्राचार्य का घेराव किया। एबीवीपी इकाई के कार्यकर्ताओं ने संगठन मंत्री अरुण वर्मा के नेतृत्व में कॉलेज प्राचार्य के कक्ष में जमकर हंगामा किया। एबीवीपी का आरोप है कि जब से ऑनलाइन सिस्टम शुरू हुआ है तब से विद्यार्थियों को दाखिले में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज में विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यार्थी साइबर कैफे में जाकर अपने पैसे और समय की बर्बादी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में बहुत से ऐसे भी विद्यार्थी हैं जिनके पास एंड्रायड फोन नहीं है। ऐसे विद्यार्थियों को दाखिले में परेशानी आ रही है। दाखिले के लिए विद्यार्थियों को अपने सभी प्रमाण पत्रों को स्कैन करवाना पड़ रहा है। इसके चलते साइबर कैफे मालिक चांदी कूट रहे हैं और विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वेबसाइट भी हांफ गई है। फीस जमा करवाने के लिए विद्यार्थियों को बैंकों के लिए चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कॉलेज में ही कैश काउंटर की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि किसी को परेशानी न आए। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थियों को पेश आ रही समस्याओं से प्राचार्य अवगत करवाया। कॉलेज प्राचार्य ने एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया डिजीटल इंडिया के तहत है। विश्वविद्यालय प्रशासन भी परीक्षाओं के फार्म ऑनलाइन भरवाता है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन दाखिले का प्रशिक्षण मिल रहा है। इस अवसर पर कार्तिक, शिवम, योगेश, विनय, साहिल, अभिषेक, आदर्श, जसविंदर उपस्थित रहे।
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अब घर बैठे लें दाखिला
कॉलेज प्राचार्य त्रिलोक चंद का कहना है कि विद्यार्थियों को यूजी में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने के लिए कॉलेज आने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए वे घर बैठे आवेदन दाखिल कर सकते हैं। यहां तक की फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। इससे उनके पैसे व समय की बर्बादी होने से बचेगी। अगर किसी भी विद्यार्थी को किसी तरह की परेशानी आती है तो वह कॉलेज स्टाफ की मदद ले सकता है। कॉलेज में सहायता डेस्क लगाया गया है।
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