जिलेभर में दिखा बंद का असर, नहीं चलीं बसें
बाहरी राज्यों को जाने वाली बस रूट भी प्रभावित
छात्रों और यात्रियों को उठानी पड़ीं भारी परेशानियां
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले में देशव्यापी भारत बंद का खासा असर देखने को मिला। सवर्णों ने हुंकार भरते हुए बंद का समर्थन किया और सड़क तक आकर सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय का पुरजोर समर्थन किया, जिसमें एससी/एसटी एक्ट में बदलाव की बात कही गई। देश व्यापी भारत बंद के चलते जिला मुख्यालय सहित मैहतपुर, घालुवाल, टाहलीवाल, अंब, गगरेट, चिंतपूर्णी, बंगाणा सहित अन्य जगहों पर कारोबारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी दुकानें बंद रखीं। बाजार के अधिकांश दुकानों के बंद होने से कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। भारत बंद का असर गांवों में भी देखा गया और छोटे-छोटे बाजार तक भी बंद रहे। उधर, निजी बस ऑपरेटरों ने भी बंद का समर्थन किया। इससे दिनभर किसी भी रूट पर निजी बसें नहीं चलीं। एचआरटीसी बस सेवा प्रभावित रही। ऊना बस अड्डे पर उस समय कुछ देर के लिए माहौल गर्मा गया, जब लोगों ने चड़ीगढ़ रूट पर जा रही सीटीयू की बस को रोक दिया और चालक से उलझ गए। हालांकि, पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच स्थिति को संभाला और जाम को खुलवाया। सूचना मिलते ही डीएसपी अशोक वर्मा ने टीम के साथ ऊना बस अड्डे का जायजा लिया और समस्त निजी ऑपरेटरों से शांति व्यवस्था बनाने की अपील की। रूटों पर बसें न चलने से यात्रियों सहित कर्मचारियों एवं छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, देर दोपहर बाद एचआरटीसी की बस सेवा सुचारु हो गई।
दौलतपुर में व्यापारियों ने निकाली रैली
दौलतपुर चौक (ऊना)। नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में जाति आधार पर आरक्षण के खिलाफ बंद के आह्वान पर दौलतपुर चौक के कारोबारियों ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे। स्कूल, कॉलेजों में भी उपस्थिति बहुत कम रही। जबकि, कई निजी स्कूलों ने अपने शैक्षणिक संस्थान मंगलवार को बंद रखे जाने का समाचार है। यद्यपि केमिस्ट की दुकानें खुली रहीं लेकिन अस्पतालों में मरीजों की तादाद नाममात्र रही। निजी ट्रांसपोर्ट बस सेवा पूरी तरह से बंद रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई। कई मुसाफिर सरकारी बसों का घंटो तक इंतजार करते दिखे। देश में आरक्षण की व्यवस्था के खिलाफ दौलतपुर चौक कारोबारियों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव राजू की अगुवाई में बाजार में रैली निकाली और आरक्षण हटाओ देश बचाओ और भारत माता की जय के नारे लगाए गए। इसके अलावा गोंदपुर बनेहड़ा, भंजाल, नकड़ोह, चलेेेट, मवाकोहलां, नंगल जरियालां, घनारी, मरवाड़ी, रायपुर, भद्रकाली इत्यादि बाजारों में पूर्णतय: बंद का असर देखने को मिला। इस मौके दौलतपुर व्यापार मंडल के प्रधान राजीव राजू, चेयरमैन अमरनाथ डोगरा, वाइस चेयरमैन प्रदीप शर्मा, उपप्रधान सतीश शर्मा, राजेश डोगरा, महासचिव सतपाल बंटू, कोषाध्यक्ष संदीप शर्मा उर्फ काकू मोहनलाल, अवतार विक्रांत, ज्योति, नरेंद्र, कैप्टन श्रीराम, अशोक ठाकुर, काका ठाकुर, विशाल चौहान, आदर्श, अंशुल, अरुण लाली, रोहित भारी संख्या में कारोबारियों ने इस बंद में हिस्सा लिया।
चिंतपूर्णी बाजार में पसरा सन्नाटा
चिंतपूर्णी/जोल (ऊना)। आरक्षण के विरोध में चिंतपूर्णी बाजार में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। इसके इलावा जोड़बड़, जल्लो दी बड़ बाजार भी बंद रहे। भरवाईं चौक पर बड़ी मात्रा में बंद के समर्थक जुट गए। बाजार बंद के साथ-साथ दो घंटे तक शांतिपूर्ण चक्का जाम भी किया गया। इस दौरान जमकर आरक्षण विरोधी नारे भी गूंजे। हालांकि, इस दौरान बीमार और इमरजेंसी वालों को सहयोग करते हुए जाम से निकलने में बंद समर्थकों ने सहयोग करते हुए उन्हें निकालते रहे। चिंतपूर्णी बाजार में अन्य स्थानों पर बंद के चलते सन्नाटा पसर गया। भरवाईं में चक्का जाम से वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। वहीं, उप तहसील जोल के तहत सोहरी बाजार ने सारा बाजार बंद रखा। जिसमें व्यापारी वर्ग ने अपना समर्थन दिया है और सरकार से अपील की है कि है कानून सबके लिए एक होना चाहिए।
टाहलीवाल बाजार भी रहा बंद
टाहलीवाल (ऊना)। भारत में आर्थिक रूप के आधार पर बुलाए गए बंद का असर टाहलीवाल में पूर्ण रूप से दिखा। टाहलीवाल में सभी दुकानों बंद रहीं। जबकि, सभी सरकारी कार्यालय रोजाना की तरह चलते रहे। टाहलीवाल मार्किट के पदाधिकारी राजेश कपिला ने कहा कि आरक्षण जातिगत आधार पर न होकर आर्थिक आधार पर होना चाहिए। आरक्षण किसी विशेष समुदाय को न मिलकर ऐसे सभी परिवारों को मिलना चाहिए, जो अति गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। दर्जनों वर्षों से चली आ रही इस नीति को व्यापार मंडल टाहलीवाल ने केंद्र सरकार से बदलने की मांग की है। अगर केंद्र सरकार ने समय रहते जल्द कोई उचित निर्णय न लिया तो इस आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। इस मौके पर उनके साथ अमित, गिनी, रविंद्र पाठक, सोमनाथ, सूरज, नारायण, संजीव कुमार, डॉ. रिशू कंवर, पवन कुमार, प्रदीप कुमार ओंकार, इंद्र सिंह, राहुल पाठक, भोलू और अन्य दुकानदार मौजूद रहे।
गगरेट में युवाओं ने निकाली रैली
गगरेट (ऊना)। सवर्ण जाति वर्ग की ओर से बुलाए गए 10 अप्रैल को पूर्णकालिक बंद का गगरेट क्षेत्र में व्यापक असर देखने को मिला। आरक्षण को समाप्त करने के लिए गगरेट में जागरूक लोगों ने एक मंच पर एकत्रित होकर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। इस अवसर पर युवाओं ने एक रैली निकाल कर भारत माता की जय के खूब जयघोष किए। गगरेट बाजार के लगभग सभी दुकानदार रैली में शामिल हुए और बंद को सफल बनाया। इस अवसर पर अश्वनी ठाकुर, बिंदु पंडित, रिंकू शर्मा, कपिल शर्मा, प्रिंस सुधेड़ा, राकेश, पिंटू, जसवीर, संजीव सहित कई युवा उपस्थित थे।
उपमंडल बंगाणा का बाजार रहा बंद
बंगाणा/लठियाणी (ऊना)। भारत बंद का असर उपमंडल बंगाणा के सभी स्थानीय बाजारों में देखने को मिला। भारत बंद के चलते ज्यादातर बाजारों में दुकानें बंद थीं और जो खुली भी थीं, उन्हें बंद करवा दिया गया। बंगाणा बाजार में 150 के करीब लोग सुबह ही बाजार में इकट्ठे हो गए थे। जिनकी नजर बाजारों में खुली हुई दुकानों पर थी। बाजारों में खुली दुकानों को शांतिपूर्ण ढंग से बंद करने का दुकानदारों से आह्वान कर उन्हें बंद करवाया गया। लगभग 30 युवक बाइकों पर घूमकर बाजारों में खुली दुकानों को बंद करवाने की जिम्मेदारी संभाले हुए थे। बंगाणा, थानाकलां, लठियाणी, बुधान, कोहडरा, धुंधला, हटली सहित सभी बाजारों में बंद का असर देखने को मिला।
संतोषगढ़ नगर में बंद रहे बाजार
संतोषगढ़ (ऊना)। नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में जाति आधार पर आरक्षण के खिलाफ भारत बंद के आह्वान पर संतोषगढ़ नगर के कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके अलावा क्षेत्र निजी एवं सरकारी बस सेवा भी ठप रही। बस सेवा ठप होने के कारण स्कूल और कॉलेज में उपस्थिति बहुत कम रही। बाजार बंद होने एवं बस सेवा ठप होने से लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी दफ्तर जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बच्चों को भी स्कूल जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मैहतपुर व्यापार मंडल हुआ दोफाड़
मैहतपुर (ऊना)। देशव्यापी भारत बंद को लेकर स्थानीय मुख्य बाजार, रेलवे रोड के कारोबारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी दुकानें बंद रखीं। बाजार के अधिकांश दुकानों के बंद होने से कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। दवाई, हलवाई, सब्जी की दुकानों के अलावा किराना, मनियारी, कपड़ा, रेडीमेट, स्वर्णकारों समेत अन्य कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और भारत बंद को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। मंगलवार को बंद के मसले को लेकर स्थानीय व्यापार मंडल एक दफा फिर दोफाड़ नजर आया। व्यापार मंडल के एक गुट की अगुवाई करने वाले चेयरमैन दीपक द्विवेदी के समर्थक कारोबारियों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं, वहीं मौजूदा प्रधान राहुल ऐरी समेत उनके गुट के कुछ के दुकानदारों ने दुकानें खुली रखीं। बैठक कर दीपक द्विवेदी गुट के कारोबारियों ने मौजूदा प्रधान को पद से हटाने की मांग करते हुए उन पर स्थानीय दुकानदारों के साथ चलने का आरोप जड़ा। इन कारोबारियों ने कहा कि जब व्यापार मंडल के ओहदेदार ही अपनी जमात के साथ खड़े नहीं होतेे तो ऐसे ओहदेदारों को पद से हटाया जाना चाहिए। कहा कि भारत बंद एससी/एसटरी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस एक्ट पर दिए निर्णय के समर्थन में किया गया था, ऐसे में मौजूदा प्रधान को आगे आकर कारोबारियों के साथ खड़ा होना चाहिए था। चेयरमैन दीपक द्विवेदी ने कहा कि आगामी रविवार को बैठक रखी गई है। स्थानीय कारोबारियों की जो भी राय बनेगी उसी के अनुसार आगामी निर्णय लिया जाएगा। उधर, व्यापार मंडल के मौजूदा राहुल ऐरी ने कहा कि प्रदेश व्यापार मंडल की ओर से बंद की कोई कॉल नहीं आई थी, लिहाजा उन्होंने बंद का समर्थन नहीं किया। बैठक में संजीव सचदेवा, राजीव सोनी, संजीव सोनी, विवेक, सुलेख, राजीव बॉबी, अश्वनी, अरुण शर्मा, अमित, अशोक कुमार, पूर्व पाषर्द पवन कुमार, अजय भारद्वाज, आशीष जैन, संजीव, अमित, अरुणपाल, राजेश कुमार, सुभाष ऐरी, विजय कुमार, संदीप, रामकुमार, विक्रम जसवाल, सुशील कुमार, राजीव कुमार समेत अनेक अन्य कारोबारी मौजूद रहे।