ऊना। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी प्राथमिकताएं एवं लक्ष्य तय कर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंनेे अधिकारियों से भी आग्रह किया कि ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को लेकर स्वयं भी पहल करते हुए योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित बनाएं।
कंवर वीरवार को विश्राम गृह बंगाणा में उपमंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीणों विशेषकर गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने की दिशा में भी कार्य करने का आह्वान किया। पशु पालन, मछली पालन, बकरी पालन, मौन पालन सहित अन्य क्षेत्रों में भी स्वरोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिनके प्रति लोगों को प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीणों को इन स्वरोजगार गतिविधियों के साथ जोड़ने के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों से प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कंवर ने अधिकारियों को कुटलैहड़ क्षेत्र में पानी के संरक्षण पर बल देते हुए वाटरशेड सहित अन्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वित कार्यशैली अपनाने पर भी बल दिया। साथ ही कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र के जिन गांवों में पेयजल की दिक्कत है, वहां इस दिशा में भी संबंधित विभाग के अधिकारी व्यापक कार्ययोजना बनाकर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंनेे कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं तथा यहां के लिए कई बड़ी पेयजल योजनाओं पर कार्य शुरू किया जा रहा है। इससे पहले उन्होंनेे लोगों की जनसमस्याएं भी सुनीं तथा अधिकारियों को मौके पर इनके समाधान के निर्देश जारी किए।
इस अवसर पर एसडीएम संजीव कुमार, पीओ डीआरडीए राजेंद्र गौतम, बीडीओ सोनू गोयल, अधिशासी अभियंता एमआर कालिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।