जान हथेली पर रख, ड्यूटी पर पहुंचने की जल्दी
खचाखच भरी बसें, दरवाजों पर लटक कर सफर
त्योहार मनाकर कार्य क्षेत्रों को लौटे लोग
दिनभर अड्डे पर बसों को इंतजार करते रहे यात्री
रविंद्र कुमार
ऊना।
भैया दूज की रस्में निभाने के बाद लोगों ने काम पर लौटना शुरू कर दिया है। इससे बसों में तिल धरने की जगह नहीं है। सुबह से ही बस अड्डे यात्रियों से भरा पड़ा था। लोग जान को जोखिम में डाल कर भी काम पर पहुंचने का रिस्क लेने के लिए तैयार थे।
निगम और अन्य राज्यों की बसें ठूंस-ठूंस कर भरी थीं। भीड़ के चलते कई लोगों ने दरवाजों में लटक कर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय किया। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर करने वाले लोग अड्डे पर ही अगली बसों का इंतजार करते देखे गए। जिला के हजारों लोग दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में आजीविका कमाने के लिए कार्यरत हैं। त्योहारी सीजन के चलते ही लोग हर साल की तरह त्योहारों को परिवार सहित मनाने के लिए घर आए थे। अब त्योहारों के बीत जाने के बाद लोग वापस काम की लौटना शुरू हुए।
हालांकि परिवहन निगम की ओर से लोगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की है, लेकिन हजारों की तादात में लोगों के आगे सभी व्यवस्थाएं बौनी पड़ती दिखीं। चंडीगढ़ जाने वालों में रमन कुमार, विनय शर्मा, विनय धीमान, कृष्ण कुमार, मंजू बाला, सुकन्या, राजेश, अर्पित, जालंधर जाने वालों में अमरजीत सिंह, विजय कुमार, राकेश चंद, संतोष, सुखविंद्र सिंह और लुधियाना जाने वालों में राज कुमार, सुरेश कुमार, अजय सिंह, सुषमा और सुमन लता ने बताया कि बसों में भीड़ काफी है। लेकिन काम पर पहुंचना भी लाजमी है। इसके चलते वे किसी भी प्रकार सफर तय करने के लिए तैयार हैं। निगम के आरएम संजीव वशिष्ठ ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। लोगों की सहूलियत देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।