ऊना। हरोली के पोलियां में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क में दवा उद्योगों के संचालन के दौरान रोजाना सैकड़ों टन औद्योगिक कचरा निकलेगा। उद्योग विभाग ने इसे निपटाने को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए हैं।
बल्क ड्रग पार्क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, पार्क में रोजाना करीब 650 से 800 टन तक सीईटीपी स्लज, एमईई अवशेष और भस्मीकरण या सह-प्रसंस्करण योग्य कचरा निकलने का अनुमान है।
इसके अलावा प्रतिदिन 10 से 12 टन खतरनाक अपशिष्ट भी पैदा हो सकता है। इसके प्रबंधन के लिए पार्क में 33.6 एकड़ जमीन पर एकीकृत अपशिष्ट उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा (टीएसडीएफ) विकसित करने का प्रस्ताव है।
इसमें सुरक्षित लैंडफिल के साथ ठोस और तरल कचरे को मशीनों की मदद से जलाकर नष्ट करने का भी प्रबंध किया जाएगा।डीपीआर में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण और संचालन के दौरान पैदा होने वाले सामान्य ठोस कचरे के बारे में बताया गया है।
निर्माण के दौरान करीब 0.6 टन प्रतिदिन और संचालन के दौरान लगभग 8.8 टन प्रतिदिन ठोस कचरा निकलने की संभावना है।
बल्क ड्रग पार्क की पर्यावरण मंजूरी (ईसी) में भी कचरे के प्रबंधन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पैदा होने वाले कचरे का निर्धारित नियमों के अनुसार प्रबंधन करना होगा।