दुलैहड़ (ऊना)। हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत दुलैहड़ में 80 फीसदी से अधिक दुकानदारों ने आज दिन तक दुकानों का किराया चुकता नहीं किया है। किराया वसूलने में ग्राम पंचायत दुलैहड़ के भी हाथ खड़े हो गए हैं। 120 के करीब दुकानदार दुलैहड़ बाजार में ग्राम पंचायत की ओर से अलॉट किए गए प्लॉट पर अपनी-अपनी दुकानदारी चला रहे हैं लेकिन बदले में किराया चुकता नहीं किया है। भले ही चिह्नित जगह में दुकानदारों ने खुद दुकानों का निर्माण किया है लेकिन तय नियमों के अनुसार प्रति महीना के हिसाब से दुकानदार किराया अदा नहीं कर रहे हैं। शुरुआती दौर में ग्राम पंचायत ने प्रत्येक दुकानदार से किराये पर नाम पर 10 रुपये प्रति महीने के हिसाब से वसूली करने का फैसला लिया था, जो कि वर्तमान में 200 रुपये प्रति महीना तक पहुंच गया है। अभी तक दुकानदारों ने दुकानों का किराया देने में कोई भी दिलचस्पी नहीं ली है और न ही पंचायत की ओर से कोई कड़ा रुख अख्तियार किया गया है। इतना ही नहीं कई दुकानदारों ने आगे इन दुकानों को 2000 से 3000 रुपये प्रति महीने के हिसाब से सबलेट तक कर डाला है लेकिन ग्राम पंचायत को वर्तमान में किराये के नाम पर एक पैसा तक अदा नहीं किया गया है। 25 वर्ष से अधिक समय बीत गया है जब पंचायत ने जगह चिह्नित कर प्लॉट बनाकर दुकानदारों को आवंटित किए थे तो उसके बाद दुकानदारों ने अपने स्तर पर चिह्नित की गई जगह पर दुकानों का निर्माण किया और साथ में यह भी तय हुआ था कि ग्राम पंचायत की ओर से समय-समय पर जो दुकानों का किराया तय किया जाएगा, वह प्रत्येक दुकानदार को चुकता करना होगा। वर्तमान में स्थिति यह है कि दुकानदारों ने आज दिन तक किराया चुकता नहीं किया है।
पंचायत के माध्यम से बार-बार दुकानदारों को तय किया गया किराया चुकता करने के लिए कहा जाता है लेकिन अभी तक किराया चुकता नहीं किया है। कुछ दुकानदारों ने ही नियमित तौर पर दुकानों का किराया चुकता करने में दिलचस्पी दिखाई है।
-नंद किशोर, प्रधान दुलैहड़ पंचायत
80 फीसदी से अधिक दुकानदारों ने आज दिन तक दुकानों का किराया चुकता नहीं किया गया है। उल्टा दुकानदारों ने आगे दुकानों को दो से तीन हजार रुपये प्रति महीने के हिसाब से सबलेट तक कर डाला है। जल्द ही प्रशासन और सरकार से मिलकर आगामी रूपरेखा बनाई जाएगी ताकि दुकानों का किराया नियमित तौर पर आ सके और उसे पंचायत के विकास में लगाया जा सके।
-पवन राणा, उपप्रधान दुलैहड़ पंचायत