ऊना। जिले के दुग्ध उत्पादक में वेरका कंपनी द्वारा दूध के दाम कम करने से रोष है। इसको लेकर दुग्ध उत्पादकों ने ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह रायजादा को ज्ञापन सौंपा है। विधायक ने भी दुग्ध उत्पादकों की समस्या को सुनते हुए वेरका कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। विधायक का कहना है कि अगर वेरका कंपनी दूध के दाम नहीं बढ़ाती, तो आने वाले दिनों में कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते हुए दुग्ध उत्पादकों रविंद्र कुमार, तीर्थ कुमार, प्रधान बोध राज, हुस्न लाल सहोड़, सुच्चा सिंह, रमेश सिंह, दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार, रघुवर, कुलविंदर, श्री कृष्ण, तिलक राज, रामपाल, शिव कुमार, मोनू, अशोक, बबली देवी, रेमश चंद, रेशन कौर ने बताया कि कुछ वर्ष पहले वेरका कंपनी वाले गांव-गांव घूम दूध का अच्छा मूल्य देने की बात कही थी। पशुओं को रखने की सलाह दी थी। वेरका कंपनी ने 27 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध लेने की बात कही थी। इसके चलते उन्होंने व्यापार को बढ़ाने के लिए पशुओं की संख्या में इजाफा कर लिया, लेकिन अब कंपनी ने दूध का मूल्य 21 रुपये कर दिया। हैरत की बात यह है कि कंपनी द्वारा मूल्य कम किए जाने की भी सूचना नहीं दी गई।
इसका पता करीब एक सप्ताह बाद आई लिस्ट से चला। दुग्ध उत्पादकों का आरोप है कि हिमाचल में वेरका कंपनी दूध के मूल्य 21 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से ले रही है, जबकि पंजाब में 23 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानी भी 20 रुपये प्रति लीटर से हिसाब से मिल रहा है। अब दूध भी 21 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है। इसके चलते दूध और पानी के मूल्य में कोई अंतर नहीं है। दुग्ध उत्पादकों का कहना है पशु रखने के लिए चारा, फीड सहित मेहनत करनी पड़ती है। इसके बावजूद दूध का मूल्य न के बराबर है। इसके चलते खासा नुकसान हो रहा है। ज्ञापन देने वाले दुग्ध उत्पादकों रविंद्र कुमार, तीर्थ कुमार, प्रधान बोध राज, हुस्न लाल सहोड़, सुच्चा सिंह, रमेश सिंह, दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार, रघुवर, कुलविंदर, श्री कृष्ण, तिलक राज, रामपाल, शिव कुमार, मोनू, अशोक, बबली देवी, रेमश चंद, रेशन कौर सहित अन्य उपस्थित रहे।
जनता के हक की लड़ूंगा लड़ाई: रायजादा
ऊना के विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि जनता के हक की लड़ाई के लिए हमेशा लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को बिना कोई सूचना दिए रेट कम कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं हिमाचल में 21 और पंजाब के 23 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कंपनी दूध ले रही है, जो भेदभाव है। उन्होंने कहा कि अगर वेरका कंपनी ने भेदभाव व दूध के रेट नहीं बढ़ाए, तो दुग्ध उत्पादकों का संग लेकर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया जाएगा।