क्षेत्रीय अस्पताल की डेंटल ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे दंत रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना की डेंटल ओपीडी में रोजाना दांतों से संबंधित समस्याओं को लेकर बच्चे और हर उम्र वर्ग के लोग पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। डेंटल ओपीडी में रोजाना औसतन 100 के करीब ओपीडी रहती है। इसमें 60 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं। बच्चों में बढ़ रहे दंत रोग चिंता का विषय हैं।
फास्ट फूड का बढ़ता चलन और बदलती जीवनशैली दांतों की सेहत पर भारी पड़ रही है। मरीजों में दांतों में कीड़ा लगने और पायरिया की शिकायत अधिक देखने को मिल रही है। इस रोग से मुंह की सफाई और समय से इलाज करवाने से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुंह में दांतों और मसूढ़ों को फिट रखने के लिए ताजे फल खाने चाहिए। नट्स भी दांतों के लिए लाभदायक हैं। दूसरी तरफ दांतों में किसी भी प्रकार की कोई समस्या होने पर लोग समय रहते दंत चिकित्सक के पास नहीं पहुंचते हैं। ऐसे में जब समस्या काफी बढ़ जाती है तो इसके बाद ही अस्पताल का रुख करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोगी हर समय रहते अस्पताल में पहुंचे तो उसे दांतो के रोगों से बचाया जा सकता है। दंत चिकित्सकों की ओर से जंक फूड का प्रयोग न करने और मीठे का कम से कम सेवन करने के सलाह दी जा रही है।
ऐसे करें बचाव
दिन में कम से कम दो बार करें ब्रश
दांतों के बीच और मसूढ़ों पर जमे प्लाक को हटाने के लिए फ्लॉस का प्रयोग करें
अपने दंत चिकित्सक से नियमित रूप से मिलें
मीठे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की मात्रा सीमित रखें।
कोट्स
वर्तमान में बच्चों में सबसे अधिक दांतों से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। इस पर अभिभावकों को जागरूक रहने की जरूरत है। अगर समय रहते उपचार करवाया जाए तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
डाॅ. कपिल भरवाल, दंत विशेषज्ञ क्षेत्रीय अस्पताल ऊना