ऊना। बरसात के मौसम में जिले में सर्पदंश के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दो माह में कुल 67 सर्पदंश के मामले सामने आए हैं। अगस्त में जिले में सांप के काटने के 52 मामले सामने आए, जबकि सितंबर में अब तक 15 लोग सर्पदंश का शिकार होकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे हैं।
लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सर्पदंश की घटना को गंभीरता से लेते हुए बिना समय गंवाए मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भरने से उनके बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। खेतों, घास और झाड़ियों वाले स्थानों के साथ घरों के आसपास भी सांप दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
रात को घर से बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने और खेतों व झाड़ियों वाले स्थानों पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों को सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करने की सलाह दी है। मरीज को शांत रखते हुए प्रभावित अंग को कम से कम हिलाने का प्रयास करें और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाएं।
खेतों और घरों के आसपास बरतें विशेष सावधानी
बरसात में सांपों के बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। घरों के आसपास कूड़ा, लकड़ी, पत्थर और झाड़ियां जमा न होने दें। खेतों में काम करते समय जूते पहनें और अंधेरे में जमीन पर हाथ डालने से बचें। रात को खेत या बाहर जाते समय रोशनी का इस्तेमाल करें।
सर्पदंश पर तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
सर्पदंश के मामले सामने आ रहे हैं। लोगों से अपील है कि सांप के काटने पर मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय पर सही उपचार शुरू हो सके। डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ऊना