अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। किसी सूरत में सुनवाई न होने पर महिलाएं पुलिस को चिह्नित नंबरों पर एसएमस करके शिकायत कर सकती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को चौबीस घंटे के भीतर कार्रवाई करना जरूरी है। यह जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने सोमवार को संतोषगढ़ के एसवीएसडी पीजी कालेज भटोली में दी।
महिला सशक्तीकरण के लिए समर्पित अमर उजाला के विशेष अभियान अपराजिता के चौथे चरण के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एएसपी विनोद धीमान ने छात्राओं को महिलाओं के हक में बने कानून की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एसएमस और व्हाट्सएप से महिलाएं कहीं भी किसी भी स्थिति में पुलिस को रिपोर्ट कर सकती हैं। हिमाचल सरकार ने 112 हेल्पलाइन शुरू की है। इसमें 100, 102 और 108 नंबर को क्लब किया गया है। इस नंबर पर शिकायत करने के बाद काल संबंधित विभाग को ट्रांसफर कर दी जाती है। साथ ही सूचना देने वाले की लोकेशन भी ट्रेस हो जाती है। ताकि जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम में छात्राओं ने जिज्ञासापूर्ण सवाल पूछे, जिनके वक्ताओं ने संतोषजनक उत्तर दिए। इसमें करीब 130 छात्राओं और छात्रों ने हिस्सा लिया।
अपराजिता कार्यक्रम में बतौर वक्ता पहुंचे तहसील कल्याण अधिकारी ऊना कुलदीप दयाल ने छात्राओं को महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने केवल बेटियों वाले परिवार से ऊना उत्कर्ष योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि महिलाएं सामाजिक कल्याण एवं अधिकारिता विभाग से योजनाओं की जानकारी ले सकती हैं। ग्रामीण स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी इसके लिए अधिकृत हैं।
मनोवैज्ञानिक एवं एनसीएससी के प्रभारी उपनिदेशक डॉ. बीके पांडे ने विद्यार्थियों को तनावमुक्त जीवन जीने के टिप्स दिए।
उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे तनाव की स्थिति में मन में कोई भी बात न दबाएं। इससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अपने किसी प्रियजन अथवा दोस्त के साथ समस्या को साझा करें आपका मन हलका होगा। उन्होंने कहा कि आधी समस्याओं का समाधान परिवार में ही होता है। बस इसके लिए शुरूआत करनी होती है। उन्होंने कहा कि आप जो भी काम करें उसमें आपकी दक्षता होनी चाहिए। तभी समाज में पहचान मिलेगी। इस मौके पर कॉलेज स्टाफ की ओर से अर्पणा, सीमा गुप्ता, प्रियंका, पूनम, श्वेता, सुनील जोशी, डीपी ठाकुर, डॉ. अनूप शर्मा, सुरेश शर्मा, राकेश, मनीष गौतम, अरविंद राणा, विनोद, राजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।
पुलिस का सहयोग अपेक्षित : नरेश बाला
कॉलेज प्राचार्य नरेश बाला ने कॉलेज की समस्याओं को बताते हुए पुलिस से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि कॉलेज कैंपस के बाहर छुट्टी के समय आउट साइडर छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं। इन पर लगाम लगाने की आवश्यकता है। इस पर एएसपी ने पुलिस की ओर से यथायोग्य सहयोग करने का आश्वासन दिया।
शिकायत की सुनवाई नहीं होती : कृष्णा
छात्रा कृष्णा ने कहा कि अकसर पुलिस थानों में घरेलू हिंसा की शिकायत को लेकर पंचायत में जाने को कहा जाता है। ऐसा क्यों। एएसपी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता रहती है कि पति-पत्नी के मामूली झगड़े आपस में सुलझ जाएं। लेकिन बड़े मामलों में एफआईआर की जाती है।
छेड़खानी में कहां करें शिकायत : साक्षी
छात्रा साक्षी ने कहा कि कई बार पुलिस कर्मी भी राजनीतिक कारणों से छेड़खानी आदि मामलों में कार्रवाई करने से गुरेज करते हैं। ऐसे में कहां शिकायत की जानी चाहिए। एएसपी ने कहा कि ऐसे मामलों में उच्चाधिकारियों के समक्ष मामला रखना चाहिए। कानून का विकल्प भी खुला है।
लड़कियों की सुरक्षा कैसे हो : गीता
गीता शर्मा ने कहा कि घर से बाहर अकेले जाने वाली लड़की अगर गलत बात का विरोध करती है तो उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। पुलिस की ओर से ऐसे मामलों में आत्म रक्षा आदि के प्रति सचेत रहने का भी आह्वान किया गया।
कानून का दुरुपयोग न हो : गरिमा
गरिमा जसवाल ने कहा कि बेशक लड़कियों के पक्ष में बहुत से कानून हैं, लेकिन कानून का सहारा लेकर किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए। ऐसे में पुलिस को भी मामलों की निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए।
आत्मरक्षा में क्या किया जा सकता है : नेहा
नेहा ने पूछा कि अगर आत्म रक्षा में दूसरे पक्ष का जानमाल का नुकसान हो जाए तो क्या कानून साथ देता है। एएसपी ने कहा कि कानून के मुताबिक आत्मरक्षा में उतना ही जवाबी हमला किया जा सकता है, जितना सामने वाले की ओर से हो। ऐसे मामले जांच का विषय होते हैं।
नशे के कारोबारियों की न हो जमानत : रजनी
रजनी जसवाल ने कहा कि अकसर देखने में आया है कि नशे के कारोबारी जेल से छूटने के बाद फिर से यही धंधा शुरू कर देते हैं। इनकी जमानत नहीं होनी चाहिए। एएसपी विनोद धीमान ने इस मामले में सरकार की नीतियों से अवगत कराया।