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दुराचार के दोषी दो युवकों को 10-10 साल कारावास

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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना।
विशेष अदालत के न्यायाधीश डीआर ठाकुर ने नाबालिग से दुराचार के मामले में दो युवकों को दोषी करार दिया है। दोनों दोषियों को विभिन्न धाराओं में 10-10 साल की कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की सूरत में दोषियों को एक-एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

अदालत ने गौरव शर्मा निवासी समूर खुर्द और करण निवासी धोलीवाल बंगाणा को दोषी करार दिया है। जिला न्यायवादी अशोक धीमान और उपजिला न्यायवादी संजय पंडित ने बताया कि दोषी गौरव शर्मा नियमित रूप से पीड़ित को मिलता रहता था और उससे शादी करने की बात भी कहता था। इसी बीच 2016 में चार और पांच मार्च की मध्य रात्रि गौरव शर्मा पीड़ित के घर पहुंचा।
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यहां उन्होंने उसके घर का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित के दरवाजा खोलते ही उसने कोई स्प्रे उसके मुंह पर मार दिया और उसका मुंह अपने हाथ से दबाकर उसे उठा लिया। इसी बीच पीड़ित की दादी उठ गई और उसने उसे बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन दोषी उसे उठाकर सड़क की तरफ भाग निकला। जहां एक छोटे वाहन में उसका एक साथी पहले ही मौजूद था। उसने पीड़ित को गाड़ी में बिठाया और गाड़ी चला रहे करण ढिल्लों को बीहड़ू गांव की तरफ जाने को कहा। यहां पहुंच कर उसने पीड़ित से दुराचार किया।
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हालांकि करण ने पीड़िता से दुराचार नहीं किया लेकिन अपराध में गौरव शर्मा की मदद करने के लिए पोक्सो एक्ट के तहत उसे भी बराबर सजा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि अदालत ने धारा 363, 366ए, 120बी के तहत दोषियों को 7-7 साल की कठोर कारावास, 3-3 हजार रुपये जुर्माना, गौरव को 376 के तहत 10 साल की कठोर कारावास, तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 के तहत 3-3 साल कठोर कारावास 1-1 हजार रुपये जुर्माना और पोक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोनों को 10-10 साल की कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की सूरत में दोनों को एक-एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
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