ऊना/मैहतपुर/अंब(ऊना)। समय: 9:30। स्थान ऊना बस अड्डा। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को यहां का दौरा किया। बस अड्डे में निजी बसों की हड़ताल के चलते एचआरटीसी की बसें यात्रियों से खचाखच भरी थीं। दूसरी ओर निजी बस ऑपरेटर पेट्रोल अज्ञैर डीजल की कीमतों में हो रही वृद्धि को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिखाई दिए।
बस अड्डे में एचआरटीसी समेत दूसरे राज्यों की यात्रियों से भरी बस अड्डे में आ रही थीं। निजी बस सेवा ठप होने से जिले में करीब 320 लोकल रूटों पर सेवाएं प्रभावित हुईं। बस सेवा ठप होने से यात्रियों का परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों मेें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी शिक्षण संस्थानों में पहुंचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकारी व निजी कार्यालयों के कर्मचारियों को भी दफ्तर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अजौली, झलेड़ा, मुबारिकपुर में कई लंबे रूटों की बसें नहीं रुकीं। इससे यात्रियों को बस अड्डे पर कई घंटे बस का इंतजार करना पड़ा। टैक्सी चालकों ने भी सेवाएं पूरी तरह से बंद रखीं। इसके अलावा ऊना बाजार में भारत बंद बेअसर रहा। जहां ट्रांस्पोर्टरों ने बंद के आह्वान पर अमल करते हुए बसों के चक्के जाम रखे, वहीं दुकानदारों ने इससे किनारा करते हुए अधिकांश दुकानें खुली रखीं।
कांग्रेस की अपील पर बुलाए भारत बंद का ऊना के सरहदी क्षेत्र मैहतपुर में कोई असर देखने में नहीं मिला। मैहतपुर तथा आसपास के इलाके में कारोबारियों ने दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रखे। सामान्य दिनों की तरह की कामकाज होता रहा। निजी बसों के सड़क पर न आने से लोकल सवारियों को समस्या अवश्य पैदा हुई, लेकिन निगम की बसों ने उनकी कमी को खलने नहीं दिया।
सरकारी बसों में यात्रियों को सफर करते देखा गया। पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस के भारत बंद को समर्थन न मिलने से कहीं न कहीं आए दिन बंद को एक तरह से लोगों ने नकार दिया है। स्थानीय पेट्रोल पंप, उद्योग, तथा अन्य व्यापारिक संस्थान पूरी तरह से खुले रहे। सामान्य दिनों की ही तरह कामकाज हुआ। कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं जो अकसर निजी बसों में आते-जाते हैं, सोमवार को सरकारी बसों से कॉलेज पहुंचे। छात्रों ने कहा कि उन्हें थोड़ी मुश्किल तो जरूर हुई, लेकिन सरकारी बसें चलने से उन्हें ज्यादा समस्या पेश नहीं आई। स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि वह किसी भी सियासी दल के बुलावे पर कारोबार को बंद नहीं करेंगे।
आए दिन कोई न कोई दल अथवा संगठन बंद की अपील कर देता है, जिससे जनता को परेशान उठानी पड़ती है। पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने आई महिला रीना शर्मा, रेनू तथा मंजीत ने कहा कि बेशक पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन राजनीतिक पार्टियों तो अपनी राजनीति करती हैं। कांग्रेस के सत्ताकाल में भी तो ऐसे ही दाम बढ़ते थे। बंद करवाना तो सियासी दलों का महज ड्रामा है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।