ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में इन दिनों अल्ट्रासाउंड की मशीन बंद है। कारण मशीन का खराब होना नहीं है। कारण अल्ट्रासाउंड मशीन को ऑपरेट करने वाले डॉक्टर का सीएमओ बनना है। जब से डॉक्टर सीएमओ बने हैं, तब से वे छुट्टी पर चल रहे हैं। इसके कारण करीब डेढ़ माह से अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी हुई है।
मशीन के बंद होने से मरीजों का ज्यादा दिक्कत हो रही है। रोजाना दर्जनों मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन कमरे के बाहर लटका ताला देख उन्हें निराश लौटना पड़ता है। सबसे ज्यादा तादाद में गर्भवती महिलाओं को समस्या झेलनी पड़ रही है। उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए निजी सेंटर जाना पड़ रहा है। निजी सेंटर में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को अच्छी-खासी जेब ढीली करनी पड़ रही है। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रोजाना 200 से 400 के बीच ओपीडी होती है।
क्षेत्रीय अस्पताल में बेहतर लाभ मिले, इसकी आस में मरीज पहुंचते हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंच रहे मरीजों को करीब डेढ़ माह से निराशा हाथ लग रही है। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर ताला लटके होने के चलते मरीजों का निजी क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए मात्र 100 रुपये फीस के रूप में लिए जाते हैं जबकि निजी क्लीनिक में 500 से लेकर 1000 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। डॉ. रमन कुमार करीब डेढ़ माह पहले ही जिला चिकित्सा अधिकारी बने हैं, लेकिन तब से ही छुट्टी पर चल रहे हैं। ऐसे में अभी यह भी साफ नहीं हो पाया है कि डॉक्टर रमन कुमार के ज्वाइन करने के बाद जिला का कार्य देखेंगे या फिर मरीजों का अल्ट्रासाउंड करेंगे। मरीजों और समाजसेवियों की मांग की कि अल्ट्रासाउंड मशीन ऑपरेट का जिम्मा किसी दूसरे डॉक्टर को दिया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए।
क्या कहते हैं एमएस
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एमएस डॉ. भारत भूषण कटोच का कहना है कि डॉक्टर रमन कुमार ही अल्ट्रासाउंड मशीन को ऑपरेट करते हैं। अब डॉ. रमन कुमार को जिला चिकित्सा अधिकारी का चार्ज दे दिया गया है। वे छुट्टी पर चल रहे हैं। डॉ. रमन कुमार के छुट्टी से लौटने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।