108 एंबुलेंस सेवाएं रहीं ठप, आज सामूहिक इस्तीफा देंगे कर्मी
जिला भर में एंबुलेंस सेवा बंद रहने से इमरजेंसी सेवाओं में मरीज रहे परेशान
पांच साल से नहीं मिला इन्क्रीमेंट, शोषण का आरोप लगा कर्मियों ने आंदोलन को चेताया
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिला भर में जीवनदायिनी 108 एंबुलेंस और 102 वाहन कर्मचारियों की हड़ताल ने तूल पकड़ लिया। कर्मचारियों ने मांगें न मानने पर वीरवार 28 जून को प्रदेश के सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफे देने का निर्णय लिया है। जीवन रक्षक भारतीय एंबुलेंस कर्मचारी फेडरेशन न्यू दिल्ली 108, 102, 104 और 1099 के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह सैनी और ऊना से सौरव ने कहा कि पिछले लंबे समय से कंपनी प्रबंधन 108 और 102 कर्मचारियों का शोषण कर रही है। हाल ही में 108 के आला अधिकारियों को रिश्वत केस में रंगे हाथ पकड़ा है। साफ जाहिर है कि कंपनी अपनी मनमर्जी पर उतारू है और अपना काला चिटठ छुपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1200 से अधिक कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों से 14 से 48 घंटे तक लगातार काम लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का वेतन महीने की 20 तारीख तक आता है। श्रमिक नियमों के अनुसार कर्मचारियों से आठ घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता लेकिन यहां नियमों के विपरीत कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश भी नहीं मिल रहा। सरकार भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही। उन्होंने कहा कि अपने हकों के लिए आवाज उठाने वाले करीब 25 कर्मचारियों को कंपनी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में किस तरह से वह अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकेंगे। उन्होंने कहा कि पुराने कर्मचारियों को निकाला जा रहा है जबकि नए कर्मचारियों को दबाव में नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कॉल सेंटर की कमी की वजह से दुर्घटना या आपात स्थितियों में एंबुलेंस चालक तक देरी से सूचना मिलती है। वह देरी से घटनास्थल पर पहुंचते हैं जिसके चलते एंबुलेंस चालक और ईएमटी को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस अवसर पर सौरव, संतोष, कुलवीर सिंह व सन्नी सहित अन्य उपस्थित रहे।
सरकार से मिला मात्र आश्वासन
108 कर्मचारियों की मानें तो सरकार इस मसले को गंभीरता से नहीं ले रहे है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी मामले को लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। पिछले पांच वर्षों से उनको आश्वासन ही मिल रहे हैं।