बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र का अधिकतर हिस्सा बारिश पर निर्भर है। अगर समय पर बारिश हो गई तो फसल से अच्छी खासी इनकम आती है। अगर समय पर बारिश न हुई तो किसान की आर्थिक स्थिति नाजुक हो जाती है।
धीरे-धीरे किसान खेती-बाड़ी से मुंह मोड़ते चले जा रहे हैं। एसएमएस डॉ. सतपाल धीमान का कहना है कि क्षेत्र में 50 हेक्टेयर क्षेत्र बारिश न होने की सूरत में प्रभावित होकर रह गया है। अगर एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं हुई तो फसल को नुकसान होने का आंकड़ा बढ़ सकता है। 50 फीसदी गेहूं की फसल प्रभावित हो चुकी है।
लोगों का कहना है कि गेहूं की फसल पहले ही बिना बारिश से आधी अधूरी अंकुरित हो पाई है। ऊपर से जंगली नील गाय के झुंड फसल को तबाह कर रहे हैं। किसान परेशान हैं। फसल को बचाना चुनौती बन गया है।