अमर उजाला ब्यूरो
ऊना/मैहतपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही सुबह 11.25 पर ऊना के इंदिरा मैदान में बनाए गए भव्य मंच पर कदम रखा, मोदी-मोदी के नाम की नारेबाजी शुरू हो गई। मंच पर पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी का पूर्व सीएम प्रो. धूमल ने हिमाचली टोपी से स्वागत सत्कार किया तो भाजपा सांसद ने मां चिंतपूर्णी का चित्र भेंट किया। ऊना से विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने मां चिंतपूर्णी के आशीर्वाद की प्रतीक चुनरी भेंटकर पीएम का स्वागत किया।
11.38 बजे मोदी ने अपना भाषण शुरू किया और मां चिंतपूर्णी के आशीर्वाद के रूप में मिली चुनरी से स्वागत करने वाले प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती को भूलवश भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष कह दिया तो मंचासीन प्रो. धूमल, पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, प्रदेश प्रभारी मंडल पांडे समेत खुद सतपाल सत्ती भी चंद पलों के लिए हैरत में पड़ गए। अमूमन अपने संबोधनों में भाइयों, बहनों शब्द को ज्यादातर प्रयोग करने वाले नरेंद्र मोदी ने ऊना की इस चुनावी रैली में भी अपने 52 मिनट के भाषण में 12 बार भाइयों, बहनों शब्द का इस्तेमाल किया।
देवभूमि से बाल्यकाल से लेकर अब तक के रिश्ते का जिक्र कर मोदी ने न केवल ऊना की जनता से अपनेपन के संबंधों का एहसास कराया बल्कि भाजपा के शीर्ष नेताओं को सांकेतिक शब्दों में यह भी कह गए कि बड़े पद तक पहुंचने के लिए जमीन से जुड़ना कितना मायने रखता है। बीते 20 सालों से देवभूमि के हर चुनाव को नजदीक से देखने वाले मोदी का मानना है कि इस बार के विधानसभा चुनाव कुछ अलग ही संकेत दे रहे हैं। उनका इशारा कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर था कि इस चुनावों में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने तो डर के मारे मैदान ही छोड़ दिया है।