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Una News: सोलहसिंगी धार के 90 परिवारों के 386 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

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कुटलैहड़ की सोलहसिंगी धार में प्रभावित इलाकों का दौरा करते विधायक विवेक शर्मा। स्रोत स्वयं
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भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं
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कई स्थानों पर मकानों की दीवारों में आई दरारें, खेत धंसे, रास्ते बंद
कुटलैहड़ की सोलहसिंगी धार में बारिश और भूस्खलन का जायजा लेने पहुंचे विधायक विवेक शर्मा

संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की सोलहसिंगी धार की ग्राम पंचायत चमयाड़ी, सरोह, खेड़ी और चमुक्खा में भारी बारिश और भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने इन पंचायतों के 90 परिवारों के 386 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। भूस्खलन ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, खेत धंस गए हैं और रास्ते बंद हो गए हैं। लोगों के लिए सामान्य जीवन कठिन हो गया है। ऐसे मुश्किल हालात में कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने न केवल पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका दुख-दर्द साझा किया, बल्कि राहत सामग्री भी वितरित की। विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर सुनिश्चित किया कि जरूरतमंद परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचे। भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को विधायक विवेक शर्मा की ओर से राशन किट, तिरपाल और फौरी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। करीब 260 राशन किट, सैकड़ों तिरपाल और 84 पीड़ित परिवारों को फौरी आर्थिक मदद दी जा चुकी है। गांव के लोगों का कहना है कि जब अचानक उनका मकान ढह गया या उसमें दरारें पड़ गईं, तो सबसे पहले विधायक विवेक शर्मा उनके पास पहुंचे। इस मौके पर एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, तहसीलदार अमित कुमार, खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार, कुटलैहड़ कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिंका, स्थानीय प्रधान एवं गणमान्य मौजूद रहे।
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उपमंडल बंगाणा की सोलहसिंगी धार की ग्राम पंचायत चमयाड़ी, सरोह समेत अन्य कई मकानों में दरारें आईं। लोग अपने घर खाली करने को मजबूर हुए। सरोह गांव में भूस्खलन के चलते खेत धंस गए और पेयजल योजना के पाइप क्षतिग्रस्त हो गए। खेड़ी पंचायत में पशुशालाएं ढह गईं, जिससे लोगों को अपने पशु सुरक्षित स्थानों पर भेजने पड़े। चमुक्खा पंचायत में कई परिवारों को अस्थायी रूप से रिश्तेदारों के घर शरण लेनी पड़ी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस बार की बरसात ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जहां पहले केवल खेतों और कच्ची सड़कों को नुकसान होता था, वहीं इस बार पक्के मकान और सरकारी योजनाएं तक क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
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