संतोषगढ़ क्षेत्र में डेंगू के प्रारंभिक तौर पर 34 मामलों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारिक पुष्टि के लिए एलीजा टेस्ट शुरू किया है। नगर परिषद द्वारा फोगिंग और सफाई अभियान तेज कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पूर्ण रूप पुष्टि के लिए एलीजा टेस्ट के लिए शुरू की प्रक्रिया
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संतोषगढ़ नगर परिषद ने क्षेत्र में फोगिंग की शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के संतोषगढ़ क्षेत्र में रैपिड डायग्नोस्टिक किट टेस्ट के माध्यम से प्रारंभिक तौर पर 34 डेंगू मामलों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मानकों के तहत इन मामलों की एलीजा टेस्ट से आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर परिषद संतोषगढ़ क्षेत्र के वार्ड-3, 4 और 5 से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। डेंगू की पुष्टि के लिए दो टेस्ट किए जाते हैं। इसके लिए प्राथमिक स्तर पर रैपिड डायग्नोस्टिक किट टेस्ट किया जाता है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मानकों के तहत एलीजा टेस्ट के बाद आधिकारिक तौर पर डेंगू की पुष्टि की जाती है।
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एहतियातन विभाग ने नगर परिषद क्षेत्र में दो बार फोगिंग करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिले भर के स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। मामलों के सामने आने के बाद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। नगर परिषद की ओर से बनाए गए पानी निकासी चैंबर समय पर साफ न होने के कारण इनमें पानी जमा रहता है, जो मच्छरों के प्रजनन का कारण बन रहा है। हालांकि, अब नगर परिषद ने सफाई अभियान शुरू कर दिया है।
कोट
जिले में अभी तक संतोषगढ़ क्षेत्र में रैपिड डायग्नोस्टिक किट टेस्ट के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर डेंगू के 34 मामले सामने आए हैं। जबकि मामलों की अधिकारिक पुष्टि एलीजा टेस्ट के बाद ही होगी। क्षेत्र में रोजाना दो बार फोगिंग करवाई जा रही है। विभाग पूरी तरह सतर्क है। -डॉ. विशाल कुमार, जिला निगरानी अधिकारी (डेंगू)