ऊना। जिले में आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आपदा रक्षक मोबाइल एप और व्हेयर टू प्लांट बॉट पर ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सुबह और शाम दो सत्रों में हुए प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आपदा मित्रों सहित कुल 301 लोगों ने भाग लिया।
शिमला स्थित अगीसक आर्यभट्ट जियो-इन्फॉर्मेटिक्स एवं स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के डॉ. मनोज शर्मा ने प्रतिभागियों को दोनों डिजिटल पहलों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनके माध्यम से आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित प्रसार और जन-जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के सुबह के सत्र में 229 और शाम के सत्र में 72 प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, राजस्व और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आपदा मित्र, स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के फील्ड कर्मचारी शामिल रहे।
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल ने सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों से आपदा रक्षक मोबाइल एप डाउनलोड कर इसका नियमित उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सटीक और समय पर सूचना मिलने से त्वरित कार्रवाई और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।