मैहतपुर (ऊना)।
पंजाब की सरहदी पंचायतों में बसे नागरिकों ने राजस्थान की तर्ज पर एंट्री टैक्स को माफ करने की मांग उठाई है। एंट्री टैक्स को लेकर समय-समय मांग उठती रही है और प्रवेश नाकों पर अनेक दफा टैक्स अदा करने और नाकों पर तैनात ठेकेदार के कारिंदों की बदसलूकी से झगड़े भी होते रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक सरहदी पंचायतों के नागरिकों के लिए कोई अलग ठोस नीति तय नहीं हो पाई है। पिछले काफी समय से पंजाब सीमा पर बसी पंचायतों के प्रतिनिधियों और अन्य नागरिकों ने जिप सदस्यों के जरिये राज्य सरकार से मांग उठाई है कि ऊना में उन पंचायतों के नागरिकों का एंट्री टैक्स माफ किया जाना चाहिए जो बार्डर से तीन से चार किलोमीटर दायरे में आती हैं। तर्क दिया जा रहा है कि राजस्थान सरकार ने भी सरहदी पंचायतों के लिए ऐसी नीति बनाई है।
लोगों का कहना है कि राजस्थान सरकार की इस नीति का अध्ययन कर उसे प्रदेश में भी लागू किया जाना चाहिए। ऊना की ग्राम पंचायतों पूना, बीनेवाल, सनोली, मजारा, मलूकपुर के पंचायत प्रतिनिधियों समेत अन्य अनेक नागरिकों ने रायपुर सहोड़ां वार्ड से जिप सदस्य पंकज सहोड़ से अपनी समस्या को कुछ माह पहले उठाया था लेकिन उस मांग पर आज तक कोई कार्रवाई न होने से पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है।
पूना बीनेवाल पंचायत के पूर्व प्रधान अमरीक ढिल्लों ने कहा कि उनके गांव के लिए आज तक स्थायी संपर्क मार्ग की समस्या का हल नहीं हो सका है। उनके गांव के लोग आज भी पंजाब से होकर अपने गांव तक पहुंचते हैं। पूना बीनेवाल पंचायत प्रधान जसवीर कौर, उपप्रधान जीत सिंह, पूर्व उपप्रधान अमरीक ढिल्लों, पूर्व प्रधान शीतल सिंह, सुरजीत सिंह, अवतार सिंह, जोगिंदर सिंह, जगतार चौधरी, जगतार संधू, करनैल सिंह, संतोष सिंह, बख्शीश सिंह, मोहन सिंह, केवल सिंह, मनोहर सिंह, गुरचरण सिंह समेत अनेक अन्य लोगों ने कहा कि राजस्थान सरकार की तर्ज पर हिमाचल में भी यह नीति बनाई जानी चाहिए।
क्या कहते हैं जिप सदस्य
रायपुर सहोड़ां वार्ड से जिप सदस्य पंकज सहोड़ ने कहा कि लोगों की एंट्री टैक्स की मांग को उन्होंने जिप बैठक में भी उठाया और इसे संजीदगी से गौर करने की मांग उठाई। दुर्भाग्य से अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो पाई है।