फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं भी एफआईआर, हर महिला का अधिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

ऊना। अगर कोई महिला किसी भी परिस्थिति में प्रताड़ित होती है तो वह देश में कहीं भी एफआईआर करवा सकती है। घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत महिलाएं संबंधित थाने में शिकायत को लेकर बाध्य नहीं हैं। नंदा इंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग में आयोजित अमर उजाला के विशेष अभियान अपराजिता के तीसरे चरण में बतौर मुख्य वक्ता एडिशनल एसपी ने नर्सिंग की प्रशिक्षु छात्राओं को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आज महिलाओं के हक में बहुत सारे कानून हैं, लेकिन महिलाओं को इस संबंध में जागरूक होने की आवश्यकता है। अधिकारों के साथ ही महिलाओं को अपने कर्तव्यों का भी ध्यान रखना होगा, तभी समाज में सामंजस्य स्थापित हो सकता है। उन्होंने छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रताड़ना अधिनियम, बाल-विवाह तथा महिला सशक्तीकरण आदि विषयों की जानकारी दी। छात्राओं ने कई जिज्ञासापूर्ण सवाल किए, जिनके वक्ताओं ने जवाब दिए। कार्यक्रम में संस्थान के चेयरमैन डॉ. एसके नंदा, नर्सिंग इंस्टीच्यूट की प्रिंसिपल अंजना कुमारी के अलावा स्टाफ की ओर से नमिता कुमारी, रेखा कुमारी, रुचि, ऋचा शर्मा, मिताली, जसलीन कौर, अंजलि, श्वेता तथा प्रियंका आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


योजनाओं का लाभ लें : सतनाम
कार्यक्रम में बतौर वक्ता पहुंचे जिला कार्यक्रम अधिकारी सतनाम सिंह ने छात्राओं को महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। डीपीओ ने बताया कि प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सहित मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना जैसी दर्जनों योजनाएं संचालित हैं। इनका हर महिला को लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेषतया ऊना जिले में उपायुक्त द्वारा ऊना उत्कर्ष योजना चलाई जा रही है। इसके तहत केवल बेटियों वाले परिवार को हर सरकारी कार्यालय में प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान है।
गड़बड़ है तो आवाज उठाएं : दीपशिखा
सक्रिय महिला कार्यकर्ता और काउंसलर दीपशिक्षा कौशल ने अपराजिता कार्यक्रम में बतौर वक्ता छात्राओं में आत्मविश्वास भरा। उन्होंने कहा कि अगर आपको समाज में कहीं भी कोई गड़बड़ नजर आती है, किसी महिला के अधिकारों का दमन दिखता है तो खुलकर आवाज उठाएं। आपके द्वारा की गई हिम्मत कई का भविष्य बचा सकती है। उन्होंने कहा कि नारी खुद को कमजोर न समझें। लेकिन साथ ही उन्होंने छात्राओं को कर्तव्यों के प्रति भी चेताया। उन्होंने कहा कि लाख कोशिश करने के बावजूद हमारे समाज से दहेज जैसी कुप्रथा का उन्मूलन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी कुरीतियों के खिलाफ आगे आएं तभी समाज में बदलाव आ सकता है। उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता अभियान को सराहा।

देश का भविष्य महिलाओं के हाथ : डॉ. एसके नंदा
नंदा इंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन डॉ. एसके नंदा ने कहा कि देश का भविष्य महिलाओं के हाथ में है। समाज में महिलाओं की जिम्मेदारी और भागेदारी सर्वाधिक है। उन्होंने नर्सिंग छात्राओं से कुशलता से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग और डॉक्टरी का पेशा सेवा से जुड़ा है। इसलिए मरीज की देखभाल सेवा भाव से करनी चाहिए। उन्होंने एएसपी विनोद धीमान के सुझाव पर छात्राओं को पुलिस थाने का भ्रमण कराने की बात भी कही।

सामाजिक भय में कैसे करें शिकायत : महक
नर्सिंग की छात्रा महक ने सवाल किया कि अकसर महिलाएं सामाजिक भय के चलते शिकायत करने से कतराती हैं। ऐसे में क्या करना चाहिए। एएसपी ने जवाब में कहा कि अन्याय के खिलाफ पहल तो करनी होगी। पुलिस कई परिस्थितियों में महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करती है।

क्या नाबालिग शिकायत कर सकती है : शिखा
प्रशिक्षु छात्रा शिखा ने सवाल किया कि क्या नाबालिग को पुलिस में शिकायत करने का अधिकार है। इस पर पुलिस की ओर से एएसपी ने बताया कि नाबालिग अपनी समझ में विकसित है तो वह पुलिस को स्टेटेमेंट दे सकता है। पुलिस जांच-पड़ताल के बाद कार्रवाई करती है।

नशा बंद क्यों नहीं होता : मानसी
मानसी ने सवाल किया कि समाज में नशा एक बहुत बड़ी बुराई के रूप में प्रचलित है तो इसका उत्पादन बंद क्यों नहीं होता। इस पर वक्ताओं ने आबकारी नीति की जानकारी दी। साथ ही बताया कि प्रतिबंधित नशों की रोकथाम को लेकर एजेंसियां लगातार सक्रिय है।

निजी स्तर पर क्यों नहीं स्कॉलरशिप : शोभा
शोभा ने सवाल किया कि छात्राओं को सरकारी स्तर पर तो कई तरह की छात्रवृत्तियां दी जाती हैं, लेकिन निजी स्तर पर सरकार की ऐसी कोई योजना क्यों नहीं। वक्ताओं ने इस पर सरकारी नीतियों का हवाला देते हुए सरकारी संस्थानों से जुड़ने का आह्वान किया।

पुलिस के खिलाफ कैसे करेंगे शिकायत : काजल
नर्सिंग छात्रा काजल ने पूछा कि निचले स्तर पर अगर कोई पुलिस कर्मी सहयोग न करे तो शिकायत कैसे की जा सकती है। इस पर एएसपी ने छात्राओं को बताया कि ऐसे मामलों में पुलिस की ओर से हेल्पलाइन मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। इन पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में भी लाया जा सकता है।
विज्ञापन


बच्चियों से अपराध पर लगे रोक : तनिका
तनिका ने कहा कि कानून का डर होने के बावजूद बच्चियों के साथ हो रहे अपराध रुकने चाहिए। समाज को इस दिशा में आगे आकर सोचना चाहिए। तनिका ने कहा कि मीडिया में भी ऐसे मामलों में बड़ी बहस की जाती है, लेकिन सार्थक परिणाम नहीं मिल रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें