गगरेट(ऊना)। जिलाधीश राकेश प्रजापति द्वारा बेटियों के उत्थान और शिशु लिंगानुपात को सुधारने के मकसद से जिला में शुरू की गई ऊना उत्कर्ष योजना में निचले स्तर पर कथित गोलमाल सामने आया है। आरोप है कि चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के सौजन्य से संचालित इस उत्कर्ष योजना के तहत गगरेट विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों और नगर पंचायत में बेटियों के नाम की तख्ती के 100 रुपये वसूले गए। फिलहाल डीसी के आदेश पर इस योजना को अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच बिठाई गई है। गौर हो कि बेटी के नाम से बने नाम के बोर्ड घर के बाहर लगाने का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपा गया था। लेकिन उपायुक्त के आदेशों के बिना ही 100 रुपये प्रति नाम प्लेट के वसूले जाने लगे। गौरतलब है कि बेटियों के जन्म व उनकी शादी के लिए शगुन के लिए बनी यह योजना बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ योजना के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है तथा लिंग अनुपात को भी अंकुश लगाने के लिए एक प्रशंसनीय पहल मानी जा रही है। इस योजना के नाम पर 100 रुपये प्रति नेम प्लेट लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों सहित पंचायत प्रतिनिधि भी इस मामले से पल्ला झाड़ चुके हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भ्रू्ण हत्या के अनुपात को संतुलित करना है। कार्यक्रम में पूरे जिले में सबसे पहले मवां कहोलां पंचायत का चयन हुआ था। जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था। कार्यक्रम को हर मंच पर सफलता मिल रही थी। लेकिन अपनी पंचायत को इस कार्यक्रम में शामिल करने के लिए पंचायत स्तर पर इस अभियान को जमीनी स्तर पर उतारना था। जिलाभर की 133 पंचायतों में यह योजना कार्य कर रही है। वहीं, ग्राम पंचायत गगरेट के प्रधान राजकुमार ने बताया कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पैसे लिए हैं या नहीं। क्योंकि बोर्ड उन्होंने लगवाए हैं। पंचायत का इस मामले से कुछ लेना देना नहीं है।
दोषियों पर होगी कार्रवाई : डीसी
वहीं, इस संबंध में उपायुक्त राकेश प्रजापति ने बताया कि इस मामले में दोषियों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा। सीडीपीओ को नोटिस जारी कर दिया गया है। इस मामले में जवाब तलब किया जाएगा। पंचायत प्रधान से भी इस मामले में पूछताछ होगी।
मामले की होगी जांच : डीपीओ
जिला कार्यक्रम अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि यह योजना लिंग अनुपात को बराबर करने व बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ योजना को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। जिन पंचायतों व नगर पंचायत में तख्ती के पैसे लिए हैं, उन्हें तुरंत पैसे वापस करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें पैसे लेने के लिए किसने कहा, इस बात की जांच की जाएगी।