ऊना।
रामलीला मैदान में चल रहे श्री बाबा रुद्रानंद सेवा समिति ऊना के आध्यात्मिक सम्मेलन में श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहा। दूसरे दिन डेराबाबा रुद्रानंद के अधिष्ठाता एवं वेदांताचार्य सुग्रीवानंद महाराज ने मन को एकाग्र रखने का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि हमारा मन चंचल है, जो मनमानी करता है और अति बलवान है। जिस तरह हवा को मुट्ठी में बंद नहीं किया जा सकता, उसी तरह मन को पकड़ में नहीं लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इंद्रियां भी मन के कहने पर ही काम करती हैं। जबकि मन रोकने पर भी कार्य करता है। सुग्रीवानंद महाराज ने कहा कि हमारी दस इंद्रियां हैं। इनमें से सिर्फ दो-चार से ज्यादा एक समय पर काम नहीं करती। मनुष्य को प्रभु सुमिरन के लिए कुछ समय अवश्य निकालना चाहिए। अगर हम प्रभु से प्रीत लगाएंगे तभी मन की एकाग्रता बनेगी।
उन्होंने मन को पूरी तरह अपने अनुरूप बनाने की सलाह दी। सुग्रीवानंद महाराज ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य की अलग-अलग रुचियां हैं। सिर्फ प्रभु का नाम ही ऐसा है जो सभी के लिए प्रिय है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण करना चाहिए। उन्होंने महाभारत के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं कि अर्जुन मन को वैराग्य से ही नियंत्रण में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेरे सारे पवित्र काम मन, शरीर और बुद्धि के सहयोग से ही होंगे। उन्होंने कहा कि संसार में न तो अच्छाई का अंत है और ना ही बुराई का। हमें उतनी ही चीज लेनी है, जितनी की हमें आवश्यकता है। पहले दिन सुग्रीवानंद महाराज ने ध्यान से परमेश्वर को पाने की महत्ता बताई थी।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती, सांसद अनुराग ठाकुर, कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री, सदर के विधायक सतपाल रायजादा और भाजपा नेता प्रो. राम कुमार ने प्रवचन सुने और आरती भी उतारी। इससे पहले सुग्रीवानंद महाराज के शिष्य आचार्य हेमानंद, संस्कृत विद्यापीठ के प्रिंसिपल प्रो. इंद्रदत्त उनियाल और सुरेंद्र शास्त्री ने ध्यान लगाने का महत्व बताया। जालंधर के गायक शशि ने कृष्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबोया। इस मौके पर तिलकराज शास्त्री, प्रो. शिव कुमार, अरुण शर्मा, बाबा अमरजोत सिंह बेदी, सोमनाथ सर्राफ, अजय जगोता, अनिल वशिष्ट, सोमनाथ कौशल, अमृत भारद्वाज, अरविंद शर्मा, महेश दत्ता, एचएन चीटू, राकेश कपिला, विनोद पुरी, साहिल सेखड़ी, गुरदास राम, जेपी शर्मा, धर्मपाल शर्मा, संजीव सहोड़, जिया लाल, डॉ. शिवपाल कंवर समेत हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।