ऊना।
जिले में शनिवार शाम चली धूल भरी आंधी ने जमकर कहर मचाया। इससे कुछ घंटों के लिए जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी से कई जगहों पर पेड़ एवं खंभे गिर गए। इससे विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे जिला मुख्यालय सहित कई गांवों में विद्युत व्यवस्था ठप हो गई।
तेज आंधी के कारण लाखों रुपये का नुकसान का अनुमान है। ऊना शहर, अंब, गगरेट एवं दौलतपुर चौक में कई दुकानों के बाहर लगे होर्डिंग्स बोर्ड तेज अंधड़ से उड़ गए। दुकानदार होल्डिंग बोर्ड ढूंढते हुए नजर आए। इससे दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। जिले में अंधड़ से आम की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मलाहत में पेड़ गिरने से एक कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। जिले के संतोषगढ़, मैहतपुर, हरोली, नंगड़ा, टकोली, बंगाणा, रायपुर गांवों में घरों की छतें उड़ने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे मौसम ने ऐसी करवट ली की, सब कुछ तहस-नहस हो गया। अचानक धूल के गुबार ने लोगों को आफत में डाल गया। सड़क पर जो जहां था वहीं थम गया। गाड़ियां किनारे लग गईं। आंधी से कई पेड़ और होल्डिंग टूट कर गिर गए। हाईवे पर जब कुछ दिखलाई नहीं दिया तो वाहन चालकों ने वाहन रोककर पार्किंग लाइटें जला लीं। आंधी आने के कारण नप ऊना के वार्ड 10 में पेड़ की शाखा टूट कर विद्युत लाइन पर गिर गई। इससे विद्युत लाइन टूट गई। इसके अलावा कई मलाहत में पेड़ गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज आंधी के कारण बिजली एवं दूसरी सेवाएं भी बुरी तरह से चरमरा गईं। आंधी से आम की फसल को भी व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचा है।
अंधड़ के कारण कई जगहों पर बिजली के तार भी टूट गए जिस कारण गांवों में ग्रामीणों को कई घंटे तक बिजली के बिना रहना पड़ा। स्थानीय लोगों नरेश कुमार, नरेंद्र कुमार, मुकेश, अमन कुमार, राजेंद्र कुमार, सुभाष, रजत, चेतन, रमन कुमार, नितिन, छंजू राम, हरजेंद्र सिंह विक्की, कपिल राणा ने कहा कि अंधड़ से भारी तबाही हुई है।
रामलीला मैदान में पंडाल उड़ा
ऊना के श्री रामलीला मैदान में चल रहा धार्मिक कार्यक्रम में भी तूफान ने प्रभावित किया। पंडाल तूफान की वजह से उड़ गया। इससे काफी नुकसान हुआ है। हालांकि तूफान आने से पहले ही लोग घरों को जा चुके थे। लेकिन रविवार को भी धार्मिक कार्यक्रम होना है। अब तूफान से पंडाल तहस नहस हो गया है।