जोल(ऊना)।
उपमंडल बंगाणा के राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला तलमेहड़ा में शिक्षक ही जलवाहक बने हुए हैं। अध्यापकों को बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ चाय बनाने का काम भी करना पड़ रहा है। सुबह स्कूल पहुंचने से पहले अध्यापकों को जलवाहकों के कार्य निपटाने पड़ते हैं। स्कूल में करीब 150 से अधिक बच्चे शिक्षा पा रहे हैं। ऐसे में स्कूल में एक भी जलवाहक का न होना परेशानी कर रहा है। जब स्कूल में जब कोई कार्यक्रम हो या कोई अभिभावक आया हो तो अध्यापकों को उन्हें पानी पिलाने के लिए खुद दौड़ लगानी पड़ती है।
जलवाहक के कार्य के लिए हर एक दिन एक अध्यापक को स्कूल समय से पहले आकर गेट खोलने के साथ-साथ कमरों और स्कूल परिसर की सफाई करने का जिम्मा संभालना पड़ रहा है। पिछले एक साल से स्कूल में जलवाहक का पद खाली है जिसे भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। कई बार स्कूल में लगी पानी की टंकियों के साथ शौचालय तक खुद अध्यापकों को साफ करने पड़ रहे हैं।
जलवाहक न होने से अध्यापकों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है जबकि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान पवन शर्मा सदस्य बबलू, विजय राजजादा, सुजाता, शर्मिला देवी, कमलेश कुमारी, सुरेंद्र शर्मा, विनोद शर्मा, अंजली देवी, वीना देवी ने शिक्षा विभाग और सरकार से मांग की है कि जल्द स्कूल में एक जलवाहक नियुक्त किया जाए।
प्राथमिक शिक्षा उपनिदेशक ऊना हंसराज गुलेरिया का कहना है कि कई स्कूलों में पिछले साल जलवाहकों को पक्का किया था। उनके स्थान पर नई नियुक्तियां होना बाकी है। शिक्षा विभाग के अलावा अधिकारियों के पास रिपोर्ट भेजी है।