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अब लावारिस पशुओं से मिलेगी निजात

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लावारिस मवेशियों से मिलेगी निजात, समूरकलां में गौशाला बनकर तैयार
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निर्माण में नगर परिषद ऊना का 35 लाख खर्च, गौशाला में जल्द लाए जाएंगे आवारा पशु
कृष्ण गोपाला गौ सदन रखा गौशाला का नाम
रविंद्र कुमार
ऊना।
नगर परिषद ऊना ने लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए 35 लाख की लागत से गौशाला का निर्माण करवाया है। अब लोगों को लावारिस पशुओं के आतंक से राहत मिलेगी। ऊना के समीपवर्ती गांव समूर कलां में नगर परिषद ने अपनी विकास राशि से इस गौशाला को तैयार करवाया है। गौशाला का नाम कृष्ण गोपाला गौसदन के नाम से रखा गया है। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशानुसार नगर परिषद ऊना ने यह कार्य किया है। आगामी 15 दिनों में लोकार्पण किए जाने की संभावना है। इसके लिए नगर परिषद ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाकायदा नप ने इसके लिए एक सोसायटी का भी गठन किया है। इसके अध्यक्ष बाबा अमरजोत बेदी को मनोनीत किया है। इस गौशाला में 60 लावारिस पशुओं को एक साथ रखने की क्षमता है। गौशाला में पशुओं के रहने के लिए शेड, चौकीदार रूम, चारे का कमरा और तमाम सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा है ताकि किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़ा है। अब नगर परिषद को गौशाला को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार और सामाजिक संस्थाओं की मदद की जरूरत है। इसके लिए नप ने सहयोग भी मांगा है। इस गौशाला में क्षेत्र की ग्राम पंचायतों का कलस्टर बनाया गया है। इसमें अजनोली, झंबर, कुरियाला, समूर कलां, ऊना, लमलैहड़ी पंचायतें शामिल हैं। लगभग पांच कनाल की भूमि में गौशाला का निर्माण करवाया गया है।
हर संभव की जाएगी मदद : कंवर
पंचायतीराज मंत्री और कुटलैहड़ के विधायक वीरेंद्र कंवर ने नगर परिषद ऊना की ओर से समूर में बनाई गौशाला की सराहना की है। उन्होंने कहा कि लावारिस पशुओं से लोगों को निजात दिलाने के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
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क्या कहते हैं नप अध्यक्ष
नगर परिषद ऊना के अध्यक्ष बाबा अमरजोत बेदी ने कहा कि समूर गांव में 35 लाख की लागत से गौशाला का निर्माण किया गया है। 15 दिनों में इसका लोकार्पण किया जाएगा।
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