अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)।
अगर आपको मामूली सा बुखार भी है तो इसे कतई हल्के में न लें बल्कि अपने पारिवारिक डॉक्टर के पास जाकर अवश्य सलाह लें। हल्का बुखार भी डेंगू का कारण बन सकता है। डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को चौकस रहने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे डेंगू के मामलों की प्रमुख वजह मामूली बुखार की अनदेखी है।
इसके चलते ज्यादातर लोग बुखार को मामूली समझकर उसकी अनदेखी करते हैं जिससे मर्ज बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में अनदेखी ही उनके लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में डेंगू से जुड़े कई मामले सामने आने से विभाग पूरी तरह से चौकस है और लोगों को इस बात के लिए जागरूक किया जा रहा है। नागरिकों नगर परिषद अध्यक्षा मंजू चंदेल, जिला टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ, मैहतपुर व्यापार मंडल के चेयरमैन दीपक द्विवेदी, समाजसेवी, राजीव एंड संजीव सोनी, बीजेआर चैरिटेबल संस्थान की महाप्रबंधक डॉ. शकुंतला आर्य लोगों ने कहा कि इस दिशा में लोगों की जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए।
सीएमओ ऊना डॉ. प्रकाश दरोच ने कहा कि सिरदर्द की शिकायत होना, हल्का बुखार, ठंड का एहसास होना, जी घबराना, चक्कर आना भूख का कम हो जाना डेंगू के मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि अपने घरों के आसपास साफ सफाई रखें, गंदा पानी एक जगह पर जमा न होने दें, मामूली बुखार होने पर उसकी अनदेखी कभी न करें और तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं।