ऊना। सेना से पेंशन न लेने वाले पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं के लिए खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं की बुढ़ापा पेंशन को अक्तूबर 2018 से 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है।
इसके अतिरिक्त शिक्षा ग्रांट के तहत राज्य सरकार ने कुछ कोर्स के लिए आय सीमा को भी 3 लाख से बढ़ाकर सात लाख कर दिया है। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने बुधवार को जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सन् 2016 में 723 पूर्व सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के 23 आश्रितों को, 2017 में 1090 पूर्व सैनिकों तो शहीद सैनिकों के 11 आश्रितों और वर्ष 2018 में 400 पूर्व सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के 11 आश्रितों को विभागों में नौकरियां दी गईं।
बैठक में सैनिक कल्याण बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों ने जिले में पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए सामुदायिक भवन निर्माण करने की मांग पर उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को उचित जमीन को चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने पर इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे। साथ ही सीएसडी कैंटीन ऊना में पार्किंग की सुविधा न होने का मामला भी रखा जिस बारे में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कदम उठाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा ईसीएचएस ऊना में पूर्व सैनिकों के लिए सुविधाएं मुहैया करवाने का मामला भी उठाया। इस बारे उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को उचित स्तर पर मामला उठाने के निर्देश दिए। बैठक में उपनिदेशक सैनिक कल्याण मेजर रघवीर सिंह, सीएमओ डॉ. रमन शर्मा, जीएम डीआईसी अंशुल धीमान, डीपीडीओ एके राणा, कर्नल टीएस जसवाल, कर्नल एसएस गौराया, कैप्टन प्रीतम डढवाल, कैप्टन सुशील कुमार, यशपाल ठाकुर, नायब सूबेदार मान चंद सहित अन्य सरकारी व गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।
बतौर पेंशन 11 लाख आवंटित
उपायुक्त ने तीन माह की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले में 55 पूर्व सैनिकों और 128 विधवाओं को जिन्हें किसी प्रकार की पेंशन नहीं मिलती है को लगभग साढ़े 11 लाख की राशि बतौर बुढ़ापा पेंशन वितरित की गई। उन्होंने बताया कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा पूर्व सैनिकों व विधवाओं के बच्चों को जहां शिक्षा ग्रांट के लिए 211 आवेदन ऑनलाइन भेजे जा चुके हैं। वहीं प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप ग्रांट के लिए 15 मामलों को ऑनलाइन भेजा है। इसकी अंतिम तिथि 30 नवंबर है। इसके अलावा एक्सग्रेशिया ग्रांट के तहत कुल तीन विधवाओं को 15 लाख रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं।