ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में मार्च महीने से शुरू डायलिसिस सेंटर की अब सेहत खराब होती जा रही है। हालत यह है कि करीब एक महीने से डायलिसिस सेंटर में विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में डायलिसिस सेंटर की व्यवस्था सेंटर में तैनात टेक्नीशियन ही संभाल रहे। उनकी देखरेख में ही डायलिसिस हो रहा है।
हालांकि नियमों के अनुसार रोगी का डायलिसिस बिना एक्सपर्ट के नहीं हो सकता है। सेंटर में बिना विशेषज्ञ के ही जान जोखिम में डाल कर लोगों के डायलिसिस किए जा रहे हैं। अस्पताल में डायलिसिस के लिए पहुंचने वाले रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेंटर में विशेषज्ञ न होने से रोगियों को जान तक गंवानी पड़ रही है।
बताया जा रहा बीते दिनों दो रोगियों की मौत डायलिसिस सेंटर में हुई। इससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पिछले सप्ताह रक्कड़ के एक रोगी को डायलिसिस के लिए अस्पताल लाया गया था। डायलिसिस के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ी और उसने सेंटर के भीतर ही दम तोड़ दिया था। गौरतलब है कि मार्च में अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू हुआ था। इसे दिल्ली की फर्म पीपीपी मोड पर चला रही है। जहां एक साथ छह रोगियों का डायलिसिस किया जा सकता है। सीएमओ डॉ. रमन का कहना है कि डायलिसिस सेंटर को चलाने वाली कंपनी को शीघ्र विशेषज्ञ तैनात करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा यदि जल्द विशेषज्ञ तैनात नहीं हुआ, तो सेंटर को बंद कर देंगे। उन्होंने कहा यह सेंटर पीपीपी मोड पर चल रहा है।