नंगल।
नगर परिषद के अधीन ठेकेदारी प्रथा के तहत काम करने वाले सफाई सेवकों ने ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सफाई सेवकों की रेगुलर भर्ती की मांग को लेकर नंगल नप कार्यालय के समक्ष एक दिन की हड़ताल की और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को कई सामाजिक संगठनों व राजनैतिक संगठनों ने समर्थन दिया। सीटू नेता विनोद भट्टी, प्राण नाथ व बसपा नेता रामस्वरूप ने कहा कि जब प्रदेश में सरकारें बदलती हैं तो सबसे पहली गाज ठेकेदारी प्रथा के तहत काम करने वाले कर्मियों पर ही गिरती है।
जब प्रदेश में अकाली-भाजपा गठबंधन को हराकर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो नंगल नप में ठेकेदारी प्रथा के तहत काम करने वाले करीब 100 कर्मियों पर गाज गिरी और उनको नौकरी से हटा दिया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर नंगल नप में काम करने वाले अस्थायी कर्मियों को रेगुलर करने की मांग उठाई जाती रही लेकिन प्रदेश में सबसे बड़े बजट की नप होने के बावजूद करीब 300 सफाई सेवकों और अन्य कर्मियों की रेगुलर करने की लिए कोई ठोस कदम नही उठाए जा रहे। उन्होंने कहा कि केरल की तर्ज पर सफाई सेवकों का वेतन कम से कम 18 हजार रुपये मासिक किया जाए।
निकाले गए कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखा जाए। ठेकेदारी प्रथा बंद कर नियमित भर्ती की जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांगों को शीघ्र पूरा न किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर सुखदेव सिंह, योद्धा सिंह, बुधराम, मुकेश, राकेश, गौरव, सुनील, हरभजन सिंह, बिंदर, आशीष, राजीव, मोहित, परमजीत, सुंदर उपस्थित रहे। नप चेयरमैन अशोक पुरी ने कहा कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। कार्यकारी अधिकारी मनजिंद्र सिंह ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा को बंद करना और कर्मियों की रेगुलर भर्ती करना सरकार का काम है।