अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना विकास लाबरू ने कहा कि नौ नवंबर को निर्धारित विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार इस्तेमाल में लाई जा रही वीवीपैट मशीन से मतदाता की गोपनीयता किसी भी स्तर पर भंग नहीं होगी। उन्होंने बताया कि वीवीपैट मशीन को लेकर मतदाताओं में इस बात को लेकर शंका जाहिर है कि मतदान के दौरान मतदाता ने किसे वोट दिया है, इसकी जानकारी दूसरे लोगों को भी मिल जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि वीवीपैट यानी वोटर वीवीपैट मशीन बैलेट यूनिट के साथ रखी होगी। जब भी वोटर ईवीएम का बटन दबाकर अपना वोट डालता है तो तुरंत वीवीपैट में कागज की एक पर्ची बनती है। इसमें उस उम्मीदवार का क्रमांक, नाम और चुनाव चिन्ह छपा होता है, जिसके पक्ष में वोटर ने अपना वोट डाला है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यह पर्ची वीवीपैट में लगे शीशे की एक पारदर्शी स्क्रीन के नीचे रहेगी और मात्र सात सेकेंड के लिए दिखाई देगी और फिर कटकर सीलबंद बाक्स में गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि मतदाता न तो पर्ची को छू सकते हैं और न ही अपने साथ ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वीवीपैट से यह व्यवस्था इसलिए है ताकि मतदाता इस बारे पूरी तरह निश्चिंत हो सकें। उनकी ओर से डाला गया वोट उसी प्रत्याशी को मिला है जिसके पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान मतदाता के अलावा कोई भी दूसरा व्यक्ति ने तो उनके की ओर से दिए मत को देख सकता है, न ही वीवीपैट मशीन से निकलने वाली पर्ची को न ही मतदाता न ही कोई दूसरा व्यक्ति अपने साथ ले जा सकता है और न ही देख सकता है।
उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र में मतदान की पूरी प्रक्रिया गोपनीय रहती है। जिला के सभी मतदाताओं से वीवीपैट मशीन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों से दूर रहकर निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से बढ़-चढ़ कर अपना मतदान करने का आह्वान किया है।