अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। भीषण गर्मी के कारण जहां हर वर्ग परेशान है। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी लू के थपेड़ों के कारण स्कूली नौनिहालों को झेलनी पड़ रही है। अब नौनिहाल नए उपायुक्त पर उम्मीद लगाए हैं कि वे स्कूल की समयसारिणी में बदलाव करें।
सोमवार को जिले का पारा अब तक का सबसे अधिक 45.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इससे पूरा दिन जिला वासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं स्कूली विद्यार्थियों को तो दोपहर के समय आसमान से गर्मी के रूप में पड़ रही आग को झेलते हुए आना पड़ रहा है। दोपहर के समय लू इतनी तेज है कि चेहरे झुलस रहे हैं। पंखे, कूलर और एसी से भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
ध्यान देने वाली बात है कि बदली गई सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक समयसारिणी को स्वास्थ्य विभाग ने भी नौनिहालों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सही नहीं बताया है। प्री प्राइमरी और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थी बहुत छोटे होते हैं। वे असहनीय गर्मी के कारण कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।
गर्मी से हो सकती है अनहोनी : विनोद
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को गर्मियों की छुट्टियां जून में ही करनी चाहिए। अब विद्यार्थी नदियां व नाले पार करके स्कूल नहीं जाते हैं। सभी स्कूलों के लिए सरकार ने अच्छे रास्ते बनाए हैं। भयंकर गर्मी में सफर करने से नौनिहाल बीमार हो रहे हैं। इससे कभी भी अनहोनी हो सकती है। सरकार और शिक्षा विभाग को इस मामले में पुनर्विचार करे। उन्होंने कहा कि स्कूलों की समयसारिणी में विद्यार्थियों को थोड़ी और राहत देने के लिए वे नए उपायुक्त से मुकालात करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उपायुक्त जून के लिए ही विद्यार्थियों को भयंकर गर्मी से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।