नंगल। सरकारी विभागों की लापरवाही अकसर सुर्खियां बनती रहते हैं, लेकिन अधिकारी इससे कोई सबक नहीं सीखना चाहते। ताजा मामला है नंगल के निकटवर्ती गांव सूरेवाल की अनाज मंडी का। यहां सरकार ने गेहूं की खरीदारी की थी। इसे पनग्रेन विभाग ने गरीबों को दो रुपये किलो के हिसाब से देना था। लेकिन, शुक्रवार रात तेज आंधी के साथ हुई बारिश से मंडी में रखी गई हजारों क्विंटल गेहूं भीग कर खराब हो गईं।
जानकारों की मानें तो जब तक इस गेहूं को गरीब लोगों तक पहुंचाया जाएगा तब तक यह शायद खाने के लायक न रहे। अब सवाल यह है कि खरीद के उपरांत गेहूं को खुले आसमान में रखना क्या जायज है। क्या इस गेहूं को सरकारी गोदामों में नहीं रखवाया जाना चाहिए था।
पनग्रेन विभाग के इंस्पेक्टर मनदीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बार गेहूं को ढकने के लिए कुछ हल्के कवर आए थे जो तेज आंधी के कारण फट गए। तेज बारिश के कारण कुछ गेहूं की बोरियां भीगी हैं। अब उनको ढका जा रहा है।
एसडीएम राकेश गर्ग का कहना है कि वह इस मामले की जांच करवाएंगे। जो भी अधिकारी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।