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पदमावती पर बैन न लगाने पर सरकार का विरोध

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अखिल हिमाचल क्षत्रिय महासभा ने सरकार से की मांग - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो

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ऊना।
अखिल हिमाचल क्षत्रिय महासभा हिमाचल सरकार ने विवादित फिल्म पद्मावत पर बैन न लगाने के फैसले का विरोध किया है। क्षत्रिय महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राणा यशपाल सिंह ने कहा कि पद्मावत फिल्म में संजय लीला भंसाली ने ऐतिहासिक चरित्रों के साथ छेड़छाड़ की है। ये राजपूतों का अपमान है।

फिल्म में जो दृश्य दिखाए हैं उनसे न केवल क्षत्रिय बल्कि पूरा हिंदू समाज आहत है। प्रेस वार्ता में प्रदेशाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि संजय लीला भंसाली चंद पैसे कमाने के लिए इतिहास के साथ छेड़छाड़ करते हैं। इस बात का क्षत्रिय समाज विरोध करता है। पहले भंसाली ने कहा था कि फिल्म रिलीज होने से पहले इसे समाज के प्रतिनिधियों को दिखाया जाएगा, लेकिन इसे नहीं दिखाया गया। बाद में राजपूत समाज को गुमराह करने के लिए फिल्म को ऐसे लोगों को दिखाया गया, जिनका इतिहास के साथ कोई ताल्लुक नहीं है।
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उन्होंने कहा कि फिल्म को 16वीं सदी में मलिक महोम्मद की ओर से रचित काल्पनिक कविता पद्मावत पर आधारित बताया है। क्षत्रिय समाज को कहना है कि यदि फिल्म कल्पना पर आधारित होती तो फिल्मों के नाम भी काल्पनिक होने चाहिए थे। क्षत्रिय समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की कि हिमाचल में फिल्म पर रोक लगाई जाए ताकि देश में फैले अंसतोष को राहत मिल सके। क्षत्रिय समाज ने हिमाचल में कार्यरत ब्राह्मण सभाओं से अनुरोध किया है कि वे अपने क्षेत्र के सिनेमाघरों में फिल्म को न चलने दें। अखिल हिमाचल क्षत्रिय महासभा नहीं चाहती कि इस शांत प्रदेश की शांति भंग न हो। यदि इस फिल्म पर प्रतिबंध न लगाया गया तो प्रदेश के पूरे क्षत्रिय समाज में अशांति फैलेगी। इस अवसर पर महासचिव प्रभात सिंह जंबाल, जिलाध्यक्ष संजीव कंवर, प्रीतम सिंह, गौरव ठाकुर, अमन ठाकुर, रजत ठाकुर, प्रभजोत सिंह रैणी सहित अन्य उपस्थित रहे।

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