अमर उजाला ब्यूरो
जोल (ऊना)।
जोल पंचायत में पिछले एक महीने से तेंदुआ रिहायशी घरों के पास दहाड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते एक महीने में तेंदुए ने करीब एक दर्जन पालतू कुत्तों सहित मवेशियों को अपना शिकार बना लिया है। ग्रामीणों का घर से निकलना भी मुश्किल है। ग्रामीण डर के कारण घर में ही दुबक कर बैठे हैं। पहाड़ी इलाका होने के चलते स्कूली छात्र भी स्कूल जाने से कतरा रहे हैं। दिनदहाड़े तेंदुआ इस कदर दहाड़ता है कि हर कोई सहम जाता है।
आतंक इतना है कि पशुओं के लिए जंगल से घास लाना महिलाओं के लिए खतरे से खाली नहीं है। डर से महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल पा रहीं। हालांकि ग्रामीणों ने वन विभाग को तेंदुए के खतरे से कई बार अवगत करवाया है, इसके बावजूद विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया। तेंदुए के लिए पिंजरा भी नहीं लगाया गया है। अगर जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मवेशियों के साथ-साथ ग्रामीणों के साथ भी हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों में अमृृत लाल, विजय कुमार, किशन चंद, प्रकाश चंद, आयुष, हैप्पी, शुभम, आत्माराम ने कहा कि पिछले कई दिनों से तेंदुआ रिहायशी क्षेत्रों में घूम रहा है जिससे ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग को सूचित भी किया है लेकिन अभी कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तेंदुए को पकड़ने को पिंजरा लगाए।
डीएफओ यशुदीप सिंह का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। अधिकारियों को भेजकर वहां पिंजरा लगा दिया है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ा जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से बच्चों को अकेले घर से बाहर न भेजने की सलाह दी है।