फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फसल काटने के बाद डाली जाए गैस पाईपें

विज्ञापन
विज्ञापन
फसल काटने के बाद डाले जाएं गैस पाइप
विज्ञापन

नंगड़ा के ग्रामीणों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
कंपनी प्रबंधन से भूमि के उचित मुआवजे की मंाग
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
पेखूबेला में निर्माणाधीन आईओसी डिपो के गैस पाइप बिछाने के विरोध में नंगड़ा के ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन की मनमर्जी के चलते उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। ग्रामीणों ने इसी मसले को लेकर विधायक सतपाल सिंह रायजादा के साथ मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों में सुरेंद्र सिंह, राम कुमार, रंजीत, तरसेम लाल, कर्म चंद, गुरमुख सिंह, स्वर्ण, प्रेम चंद, राजीव कुमार, विपिन कुमार, विकास सहित अन्यों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने अपनी मर्जी से उनकी खेती युक्त भूमि पर पाइप बिछाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध विकास से नहीं है। कंपनी प्रबंधन को चाहिए कि उनकी पकी फसलों की बर्बादी न करे बल्कि अप्रैल माह के अंत तक इस काम को रोका जाए। उसके बाद गैस पाइप बिछाए जाएं। फसलें पक चुकी हैं और उनकी कटाई होना बाकी है। कंपनी प्रबंधन को चाहिए कि ग्रामीणों का सहयोग करे। उन्होंने कहा कि यदि कंपनी प्रबंधन को गैस पाइपलाइन डालना जरूरी है तो किसानों को इसका उचित मुआवजा दिया जाए ताकि उनको परेशानियों का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने कहा कि जिन किसानों के खेत इस वजह से बंट रहे हैं, उन किसानों को पूरे खेत का मुआवजा मिले। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी की तरफ से किसानों को दिया जा रहा मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे के सामान है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी जिस जमीन को लेगी, उस जमीन पर वह भविष्य में कोई निर्माण या पेड़ नहीं लगा पाएंगे। इस कारण उनकी यह भूमि किसी काम की नहीं रहेगी, इसलिए उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
विज्ञापन


कंपनी प्रबंधन से की जाएगी बात
विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि इस मामले को लेकर कंपनी के प्रतिनिधियों से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि पेखूबेला में इंडियन ऑयल डिपो खुलने में ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं लेकिन कंपनी प्रबंधन को भी चाहिए कि वह ग्रामीणों का सहयोग करे। फसल कटने के बाद गैस पाइप बिछाई जाए या किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। रायजादा ने कहा कि कंपनी प्रबंधन को क्षेत्र के बेरोजगारों को कंपनी में आरक्षण के हिसाब से रोजगार भी देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें