ऊना।
पिछले 15 वर्षों से अंधेरे में जीवन काट रहे पाल सिंह ने अब बिजली बोर्ड की कारगुजारी की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। पीएम मोदी को खत लिख कर किसान पाल सिंह ने न्याय की मांग कर कहा है कि अगर उसे जल्द न्याय नहीं मिला तो बिजली बोर्ड के दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसकी सारी जिम्मेवारी बिजली बोर्ड की होगी। जिला मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित पाल सिंह उर्फ पाली का परिवार बोर्ड की बेरुखी के चलते डेढ दशक से अंधेरे में जीवन बसर करने को मजबूर है।
पाल सिंह की 12 वर्षीय बेटी दीये की रोशनी में पढ़ने को मजबूर है। अमर उजाला ने इस मसले को सिलसिलेवार खबरों के जरिये उठाते हुए मामले का पर्दाफाश किया था। पाल सिंह का कहना है कि करीब 15 वर्ष पहले बिजली बोर्ड को मीटर के लिए आवेदन किया जिसके बाद कई सालों तक बोर्ड दफ्तर के चक्कर काटे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। दूसरी ओर बोर्ड दलील दे रहा है पाल सिंह ने बिजली के मीटर के लिए कोई आवेदन ही नहीं किया है। पाल सिंह के घर के बाहर गाड़ा गया खंभा ट्यूबवेल के लिए लगाई जाने वाली लाइन के लिए लगाया था। एसडीओ जसविंद्र सिंह ने बताया कि पाल सिंह अगर आवेदन करेगा तो कनेक्शन लगा दिया जाएगा। वहीं, पाल सिंह ने प्रधानमंत्री को शिकायत करने अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी शिकायत की प्रति भेजी है। पीड़ित ने पीएम को बोर्ड से प्रताड़ना की एवज में मुआवजा दिलाने की भी मांग अपने पत्र में रखी है।
हाईकोर्ट में आज दायर होगी पीआईएल
पूर्व सरकार में उप महाधिवक्ता रहे विनय शर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड के लापरवाहीपूर्ण रवैये को देखते हुए वह मंगलवार को प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे। शर्मा ने बताया कि उन्होंने पीड़ित परिवार से संपर्क कर उनकी जानकारी ली है। अदालत में पीआईएल दायर कर परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह अदालत से बोर्ड के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग भी करेंगे। विनय शर्मा ने कहा कि पिछले 15 साल से बिजली कनेक्शन के लिए तरस रहे इस परिवार की मजबूरी सरकारों और राजनेताओं के माथे पर कलंक है।