प्रदेश में आलू की पैदावार के लिए प्रसिद्ध जिला ऊना में किसानों ने एक बार घाटा खाने के बाद फिर से आलू की बिजाई शुरू कर दी है। आलू की बिजाई ने किसानों को महंगाई व उधारी के बोझ तले पूरी तरह से धकेल दिया है। जिससे किसान पूरी तरह से टूट चुके हैं। क्योंकि किसानों ने पहले कुछ पैसे अपने तो कुछ बैंकों से कर्ज लेकर आलू की फसल की बिजाई की थी। लेकिन कहर बनकर बरसी बारिश ने किसानों की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण किसानों आलू की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। छोटे-छोटे किसानों को भी 10 हजार रुपये व बड़े से बड़े किसानों को 13 से 14 लाख रुपये की चपत लगी है। वहीं, दूसरी बार आलू की फसल लगाने से पहले ही बीज कंपनियों द्वारा रेट 200 से 250 रुपये प्रति बैग बढ़ा दिए है। दूसरी ओर किसानों के पास आमदन न होने के कारण उन्हें महंगा बीच उधारी पर खरीदना पड़ रहा है।
65 प्रतिशत आलू की फसल तबाह
जिलाभर में 65 प्रतिशत आलू की फसल तबाह हो चुकी है। पूरे ऊना में करीब 1000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की फसल की बिजाई की जाती है और प्रति हेक्टेयर भूमि में से 250 से 300 टन आलू की फसल की पैदावार होती है।
पेट्रोल व डीजल ने भी बढ़ाई परेशानी
खेतों को फसल के लिए तैयार करने के लिए पेट्रोल व डीजल की बढ़ी कीमतों ने भी किसानों को भारी परेशान कर रखा है। क्योंकि खेतों को मशीनरी आदि से तैयार करने व फसल से संबंधित सामान लेकर आने के लिए पेट्रोल व डीजल की आवश्यकता होती है। वर्तमान समय में ऊना में पेट्रोल 83.39 रुपये व डीजल 74.89 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। बढ़ोतरी से पहले पेट्रोल 68 रुपये व डीजल 59 रुपये प्रति लीटर था।
5.50 करोड़ से अधिक का नुकसान : डॉ. सुरेश
उपनिदेशक कृषि विभाग ऊना डॉ. सुरेश कपूर ने बताया कि विभाग की विभिन्न टीमों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान जिला में आलू की फसल को 5.50 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। इस वर्ष पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक व लगातार बारिश होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। वहीं, किसानों ने आलू की फसल की बिजाई दोबारा से शुरू कर दी है।