मैहतपुर (ऊना)।
हिमाचल परिवहन निगम की बसों में बिना बिल के सामान की हिमाचल में हो रही तस्करी पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है। यही वजह है कि मेलों और त्यौहारों के सीजन में तस्कर अचानक सक्रिय हो जाते हैं और दिल्ली से बिना बिल भारी मात्रा में निगम की बसों में सामान भेजकर न केवल सरकार को चूना लगा रहे हैं बल्कि बसों में रात्रि सेवाओं का अनुचित लाभ उठा रहे हैं।
शुक्रवार सुबह तकरीबन 2:00 बजे आबकारी एवं कराधान टीम ने गुप्त सूचना पर मैहतपुर में नाका लगाया था। विभागीय टीम ने निगम की दिल्ली-पालमपुर रूट पर जा रही बस को चेकिंग के लिए रोका। कर्मचारियों ने छत पर रखे सामान को बरामद कर लिया जिसका कोई बिल नहीं था। बस की छत पर रखे पांच बड़े नगों के बारे में चालक-परिचालक ने बताया कि किसी ने यह सामान दिल्ली में रखा था जिसे हमीरपुर के सुजानपुर में उतारा जाना था। परिचालक के मुताबिक सामान की टिकट तो कटवाई लेकिन बिल उन्हें किसी ने नहीं दिया।
नीले लिफाफों में बंद इन पांच बड़े नगों में रेडिमेट गारमेंट का सामान बताया जा रहा है। आबकारी विभाग के मुताबिक होली मेले के दौरान यह सामान को सुजानपुर के लिए मंगवाया गया था। आबकारी एवं कराधान नाके पर तैनात आबकारी निरीक्षक संतराम ने बताया कि सामान बिहार के एक व्यक्ति का था। यह होली मेले के दौरान सुजानपुर में बिक्री के लिए मंगवाया था। सामान के मालिक से 10 हजार रुपये जुर्माना वसूलकर सामान उसके सुपुर्द कर दिया है।