फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सियासी वायदा जो आज तक नहीं पाया वफा

विज्ञापन
- फोटो : SELF
विज्ञापन
एसडी शर्मा
विज्ञापन

मैहतपुर (ऊना)।
ऊना विधानसभा हलके में जिला के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर का फेज टू के रूप में विस्तार का मामला आज भी लटका हुआ है। यही वजह है कि स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में आज तक कोई भी नया उद्योग स्थापित नहीं हो सका है। क्षेत्र में पढ़े-लिखे बेरोजगारों की लंबी हो रही कतार क्षेत्र में बहुत बड़ी समस्या बन गई है। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में ज्यादातर लघु एवं अति लघु उद्योग चल रहे हैं जिनमें से कई उद्योग तो वित्तीय रूप से बीमार हैं। ये बेरोजगारों के लिए रोजगार के पर्याप्त साधन मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं।

लोगों की यह मांग पिछले एक दशक से रही है कि अगर मैहतपुर का फेज टू के रूप में विस्तार किया जाता है तो न केवल पढ़े लिखे लोगों को रोजगार के साधन मुहैया होते बल्कि औद्योगिक क्षेत्र हर तरह से खुशहाली की ओर आगे बढ़ सकता था। क्षेत्र का दुर्भाग्य रहा कि इस दिशा में पिछले एक दशक से कोई प्रगति नहीं हुई है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 2007 में शीतकालीन प्रवास के दौरान देहलां गांव में मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र का फेज टू के तौर पर विस्तार का वादा किया था। लोगों ने हैरत जताई कि करीब दशक से मुख्यमंत्री का वह वायदा वफा नहीं हो पाया। बेरोजगार युवकों में नीरज, विनोद, राकेश, दर्शन, मंदीप, प्रेमचंद, जंगबहादुर, रेखा, सीमा, प्रिया और लक्की ने कहा कि कोई अच्छा उद्योग यहां लगता तो उन जैसे अनेक युवाओं को रोजगार मिल सकता था लेकिन सियासी लोगों ने इस ओर गौर नहीं किया।

विधायक की कमजोरी, नहीं उठाया मसला : रायजादा
कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल रायजादा ने कहा कि मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र के फेज टू मसले को उठाने का काम किस का था? विधायक पांच साल में कहां सोए रहे क्योंकि नहीं विधानसभा में इस मसले को उठाया। रायजादा ने कहा कि विधायक ही पूरी तरह से मैहतपुर में फेज टू न बनाए जाने के हक में थे यह बात अब साफ जाहिर हो चुकी है।
विज्ञापन


ऊना से कांग्रेस ने किया भेदभाव : सत्ती
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं निवर्तमान विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मैहतपुर की जनता को मूर्ख बनाया है। अपने ही किए वादे पूरा नहीं कर पाना, उनकी सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि रोजगार तो क्या उन्होंने तो बेरोजगारों को भी भत्ते के नाम पर मूर्ख बना दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें