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श्रीश्री रविशंकर के नाम पर खुले स्कूल पर विवाद

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अमर उजाला ब्यूरो

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नंगल/ऊना।
श्रीश्री रविशंकर विद्या मंदिर के नाम पर खुले एक नए निजी स्कूल को लेकर स्कूल प्रबंधन और श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के सदस्यों व श्रीश्री रविशंकर संस्था के बंगलूरू से आए सदस्यों ने प्रेस वार्ता कर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी पर आरोप लगाए। संस्थान के प्रतिनिधि अविनाश टिंकू ने कहा के उनकी संस्था श्रीश्री रविशंकर विद्या मंदिर शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान देती है। कहा कि वे साफ कर देना चाहते हैं कि नंगल सहित पूरे हिमाचल में श्रीश्री रविशंकर की संस्था ने कोई स्कूल नहीं खोला है।

उन्होंने कहा कि संस्था के नाम का प्रयोग कर लोगों को गुमराह करने में जुटी एजुकेशन सोसाइटी पर कोर्ट में केस दायर किया गया है। उन्होंने श्रीश्री रविशंकर विद्या मंदिर का नाम उपयोग करने व गुरु श्रीश्री रविशंकर की फोटो लगाने को लेकर एतराज दर्ज कराया। कोर्ट ने स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को आदेश जारी कर श्रीश्री रवि शंकर जी के फोटो व संस्था का नाम हटाने के आदेश दिए हैं।
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इसके बावजूद स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने न तो गुरु जी की फोटो हटाई और न ही स्कूल का नाम बदला। उन्होंने कहा कि स्कूल मैनेजमेंट की कथित मनमर्जी के खिलाफ संस्था द्वारा एक बार फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देती है और 435 स्कूलों में 58 हजार बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ले रहे हैं। करीब 80 ऐसे स्कूल हैं जिनमें फीस लगती है। उन्हीं स्कूलों की कमाई से 435 स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दी जाती। इस मौके पर बृजमोहन कौशल, शक्ति शरण सिंह, शिव कौशल, राजविंद्र, राम मुरारी, रंजना बजाज आदि उपस्थित थे।
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जल्द बदला जाएगा स्कूल का नाम : शर्मा
श्री कृष्ण एजूकेशन सोसायटी के प्रबंधक एसके शर्मा ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रवि शंकर जी के नाम की जगह जल्द ही स्कूल का नाम एसएसआरवीएम रखने जा रहे हैं। स्कूल से श्रीश्री की फोटो भी हटाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि कहीं अगर किसी फ्लैक्स पर फोटो लगी होगी जो उसे भी जल्द हटवा देंगे।

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