फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र में फेज टू की फिर जगी आस

विज्ञापन
industry shimla
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

मैहतपुर (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में फेज टू बनने की फिर आस जगी है। उद्योग विभाग ने शिवालिक पहाड़ी पर आईआरबी बनगढ़ के साथ लगते करीब दो हजार कनाल सरकारी भूमि को चिह्नित कर लिया है। यहां पर नया औद्योगिक क्षेत्र बसाने की करसत शुरू हुई है।

वन विभाग अगर नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए मंजूरी देता है, तो ही यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ सकता है। वैसे मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र को फेज टू बनाने की योजना पुरानी है। जनवरी 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लोअर देहलां गांव में मैहतपुर को फेज टू बनाने की घोषणा की थी। हैरत यह है कि कांग्रेस सत्ताकाल में मैहतपुर को फेज टू बनाने को लेकर फाइल पर जमी धूल को झाड़ा तक नहीं गया।
विज्ञापन


सूत्र बताते हैं कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने उद्योगमंत्री बिक्रम ठाकुर से मैहतपुर में फेज टू बनाने की मांग की है। इसके बाद पुन: कसरत शुरू हो गई है। उद्योग विभाग के सूत्र बताते हैं कि पिछली दफा शिवालिक पहाड़ी पर पेड़-पौधों और हरियाली के नष्ट होने के चलते प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सका था। सूत्रों की मानें तो ऊना में पिछली सरकार में कुछ नए औद्योगिक क्षेत्र जहां वजूद में आए, वहां पर हजारों हरे पेड़ों को काटा गया। मैहतपुर में मौजूदा औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की कमी के चलते नए उद्यमियों को उद्योग-धंधे लगाने में दिक्कत पेश आ रही हैं। इसके चलते कई सालों से फेज टू की मांग उठती रही है।

भारतीय मजूदर संघ के जिला अध्यक्ष गुरमेल सिंह बैंस, इंटक के प्रवक्ता कामरेड जगतराम शर्मा ने कहा कि मैहतपुर में अगर फेज टू बनता है, तो इलाके में न केवल बेरोजगारी को कम किया जा सकेगा, बल्कि क्षेत्र को और ज्यादा विकसित भी किया जा सकता है। मैहतपुर उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष बलराम चंदेल, उद्यमी बलतेजइंद्र सिंह, वीरेश कश्यप, रामपाल शर्मा, विजय लॉ ने कहा कि अगर फेज टू बनता है, तो यह क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।

फेज टू के लिए जमीन चिह्नित : धीमान
उद्योग विभाग के जीएम अंशुल धीमान ने कहा कि फेज टू के लिए जमीन चिह्नित कर ली है। वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद जमीन विभाग के नाम हस्तांतरित की जाएगी।
विज्ञापन

जिला वन अधिकारी यशुदीप सिंह ने कहा कि फाइल आई तो है लेकिन वह उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से आनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इस वक्त उनके कार्यालय में इस तरह की कोई पेंडिंग नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें