मैहतपुर (ऊना)। बिना पंजीकरण के लैब अथवा किसी भी प्रकार के क्लीनिक चलाने वालों पर अब शिंकजा कसने जा रहा है। जल्द ही ऐसी लैब और क्लीनिकों का ताला लटकता हुआ नजर आएगा, जो विभागीय औपचारिकताओं को पूरा करते हुए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे।
सूत्रों से पता चला है ऊना में बिना पंजीकरण के लैब तथा निजी क्लीनिक खोलकर चांदी कूटने वाले तथा लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले लोग स्वास्थ्य विभाग के रडार पर हैं। शहरी अथवा ग्रामीण किसी भी क्षेत्र में लैब अथवा क्लीनिक चलाने वालों को क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट 2010 के तहत पंजीकरण करवाना लाजमी है। एक्ट की अनदेखी करने पर इस तरह की लैब एवं क्लीनिकों को बंद कर दिया जाएगा।
हरोली मेडिकल ब्लॉक के हरोली, संतोषगढ़ तथा मैहतपुर क्षेत्र के तकरीबन 40 से ज्यादा निजी क्लीनिकों अथवा लैब को विभाग ने नोटिस भेजकर तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाने को लेकर सावधान किया है। सूत्र बताते हैं कि संतोषगढ़ तथा मैहतपुर में कुछ बड़े निज ीक्लीनिक जो कई सालों से चल रहे हैं, उनका भी इस एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं है। आनलाइन होने वाले रजिस्ट्रेशन से केंद्र सरकार यह पता लगाएगी कि किस जिला में कितनी पंजीकृत लैब एवं क्लीनिक चल रहे हैं। इसके अगले चरण में उन झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसा जाएगा, जो बिना किसी डिग्री के डॉक्टरी करके जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों ऐसे झोलाछाप हैं, जिनके पास कोई डिग्री नहीं हैं। इसके बावजूद वे डॉक्टरी की दुकानें चला रहे हैं। बहुत से लोग कई तरह के टेस्ट करके चांदी कूट रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इस एक्ट के तहत लैब चलाने वालों को भी नई गाइड लाइन के तहत काम करना होगा, अन्यथा वह लैब नहीं चला पाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि या तो वह अपने लैब अथवा क्लीनिकों का पंजीकरण करवाएं अन्यथा दुकानें बंद कर दें।
क्लीनिकों पर होगी कार्रवाई : गर्ग
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर हरोली डॉ. राजीव गर्ग का कहना है कि उनके ब्लॉक में करीब 40 ऐसे क्लीनिकों एवं लैब चलाने वालों को नोटिस भेजकर रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा गया है। तय सीमा के बाद अगर कोई पकड़ा जाएगा तो निश्चित है कि विभाग ऐसे क्लीनिक अथवा लैब पर ताला जड़ देगा।
झोलाछाप चिकित्सकों पर कसेगा शिकंजा : डॉ. निखिल
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल का कहना है कि जो सही में चिकित्सक हैं, अब वही अपने क्लीनिक चला पाएंगे। आने वाला समय दूसरे लोगों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। तभी तो उनकी दुकानें बंद हो पाएंगी। उन्होंने कहा कि अपना इलाज किससे करवा रहे हैं, इसकी तो जानकारी लोगों को होनी ही चाहिए।