ऊना। बेरोजगार जेबीटी प्रशिक्षित शिक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की सूरत में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का एलान कर दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि सरकार जेबीटी के 700 पदों की भर्ती को रद्द करेगी तो हम न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने 700 पदों की पुरानी भर्ती रद्द करने का विरोध किया है। प्रशिक्षुओं में अमित कुमार, संजीव, राज, अमित ठाकुर, शिव, रोमा, वंदना, पूजा, अजय, सतवीर, सुनीता, रमन, संतोष, मनीष, हेम चंद कनिष्क, निखिल, धीरज, कुलवीर, धर्मपाल और तेजराम ने बताया कि पुरानी भर्ती प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो गई थी।
अब बेरोजगारों को इसके परिणाम का इंतजार था। ऐसे मामले में सरकार की भर्ती रद्द करने का निर्णय बेरोजगार प्रशिक्षुओं के साथ धोखा दिया जाता है। मामला पिछले साल से है लेकिन विभाग 700 पदों को भरने में असफल रहा है। हाईकोर्ट में 10 जुलाई को मामले पर फैसला सुनाया जाएगा। सरकार बेरोजगार प्रशिक्षुओं के साथ धोखा कर रही है। पुरानी भर्ती और पदोन्नति के नियम 30 अगस्त 2017 को अदालत ने रद्द कर दिया था। इसके बाद उस विभाग ने नए नियम बनाए। 30 अगस्त 2017 को पुरानी भर्ती और पदोन्नति रद्द कर दी गई थी।
29 सितंबर 2017 को और नए नियम राज पत्र में शामिल किए थे। नए नियमों में यह स्पष्ट है कि एक टेट योग्यता के आधार पर पिछली भर्ती, किसी भी कार्रवाई को शुरू या प्रक्रिया शुरू करने के बाद नए नियमों के अनुसार समझा जाएगा। सरकार को इसके तहत भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पुरानी भर्ती रद्द नहीं करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांग को स्वीकार नहीं करती है तो न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।