परिजनों ने बताया कि 4-5 दिन दिन पहले घर में गर्म पानी की बाल्टी से बच्ची का हाथ झुलस गया था, जिसके बाद उसे इस निजी अस्पताल लाया गया। यहां करीब 3-4 घंटे इलाज चलने के बाद उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन के रिकॉर्ड के अनुसार चिकित्सकों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया था, लेकिन परिजनों ने टांडा जाने से मना कर दिया और बच्ची का देसी उपचार कराने की इच्छा जताई थी। चिकित्सकीय रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि बच्ची पहले से ही किडनी की गंभीर बीमारी (किडनी फेल होने) से पीड़ित थी, जिसे मृत्यु का मुख्य कारण माना जा रहा है। एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि परिजनों द्वारा कोई शिकायत या संदेह दर्ज न कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया है। भविष्य में कोई नए तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।