मुख्य सचिव ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्देश दिए हैं कि मौजूदा जलाशयों की स्थिति का आकलन करने के लिए जल शक्ति विभाग उचित कदम उठाए। मुख्य सचिव को मिली शिकायत के अनुसार राज्य में पाइपलाइन रिसाव के कारण लगभग 40 से 50 प्रतिशत पानी बर्बाद हो रहा है। इस नुकसान को कम करने की योजना बनाने के लिए कहा गया है। शिकायत के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हर चार से पांच दिन में सिर्फ एक बार ही पानी मिल रहा है, जबकि अभी सर्दी नहीं गई और गर्मी आना बाकी है। कई लोगों ने अंधाधुंध बोरवेल खोदे हैं, जिससे जलस्तर में भी कमी आने की संभावना है। इस पर सख्ती की जानी चाहिए। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि एसीएस ओंकार शर्मा को जलस्रोतों का निरीक्षण करने के लिए कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। शिमला के पूर्व उप महापौर ने उनके ध्यान में कई तथ्य लाए हैं। पेयजल संकट से निपटने के लिए यह कमेटी अध्ययन कर उचित कदम उठाएगी।