गिरि जटौन बैराज में पियर के एक्सपेंशन जॉइंट पर असमान धंसाव, निष्क्रिय मॉनिटरिंग उपकरण और कंक्रीट में दरारें मिली हैं। यहां अर्ली वार्निंग सिस्टम का क्रियान्वयन लंबित है। मलाना-2 में अतिरिक्त अनगेटेड स्पिलवे निर्माण और रेडियल गेटों के हाइड्रोलिक होइस्ट बदलने में अत्यधिक देरी दर्ज की गई। एक अगस्त 2025 को मलाना-2 परियोजना में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आया। इससे करीब 200 से 400 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ लेकिन आपातकालीन कार्ययोजना से कोई जनहानि नहीं हुई। वर्ष 2025-26 में बांधों की मरम्मत, रखरखाव और सुरक्षा कार्यों पर करीब 141.12 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसमें सैंज एचईपी ने अकेले 123.60 करोड़ रुपये खर्च किए। अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मलाना-2 को 150 करोड़ और सैंज को 137.56 करोड़ रुपये के रखरखाव बजट का अनुमान है। सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले संगठन में उप मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता और कनिष्ठ अभियंता स्तर के कुल नौ पद खाली हैं। नियमित नियुक्तियों की संख्या शून्य है, जिससे तकनीकी निगरानी और सुधारात्मक कार्रवाई की क्षमता पर सवाल उठते हैं।