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ठियोग पेयजल घोटाला: 25 लोगों से पूछताछ, दो दिन में दर्ज हो सकता है केस; सिंघा भी पहुंचे थे विजिलेंस कार्यालय

Sat, 11 Jan 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Himachal Water Scam: शुक्रवार को ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पानी के कथित गड़बड़झाले में विजिलेंस ने 25 लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं। वहीं, ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिंघा भी विजिलेंस कार्यालय पहुंचे थे।
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ठियोग पेयजल घोटाला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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जिला शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पानी के कथित गड़बड़झाले में विजिलेंस ने शुक्रवार को 25 लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं। यह पूछताछ टैंकर मालिक, चालक और ठेकेदारों से हुई है। ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिंघा भी विजिलेंस कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने विजिलेंस अधिकारियों से मामले में निष्पक्षता से जांच की मांग की। सिंघा ने कहा-आरटीआई के माध्यम से इस मामले की जानकारी ली है।

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विजिलेंस की टीम रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है। विजिलेंस का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर मामले का खुलासा हो जाएगा। दो दिन के भीतर इस मामले में मामला दर्ज हो सकता है। विजिलेंस जांच टीम डिजिटल डाटा का विश्लेषण कर रही है। इसमें यह पता किया जा रहा है कि कब-कब टैंकरों से कहां-कहां पानी की आपूर्ति की गई है। इस मामले में विजिलेंस ने जल शक्ति विभाग के निलंबित अधिकारियों और कर्मचारियों के भी बयान दर्ज कर लिए हैं।
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उल्लेखनीय है कि पानी के गड़बड़झाले का मामला सामने आने के बाद जल शक्ति विभाग के 10 अफसरों को निलंबित कर दिया गया था। इनमें 2 अधिशासी, 3 सहायक, 4 कनिष्ठ और 1 सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। इनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है। सरकार ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच विजिलेंस को सौंपी है। ठियोग उपमंडल में पिछले वर्ष फरवरी से जून माह के दौरान सूखे के चलते पानी की आपूर्ति टैंकरों से करने का काम ठेके पर दिया गया। आरोप है कि कई जगह पानी की आपूर्ति ही नहीं हुई और भुगतान कर दिया गया। आरोप यह भी है कि पेयजल आपूर्ति करने वाले टैंकरों के जो नंबर दिए गए, वह मोटरसाइकिल और अफसर के कार के निकले हैं।
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