राज्य उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश सरकार को आदेश दिए हैं कि वह प्रदेश में खाली पड़े टीजीटी कला, मेडिकल और नान मेडिकल के पदों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार ही भरे।
यह आदेश दिग्विजय सिंह पटियाल की याचिका में न्यायाधीश राजीव शर्मा ने दिए। पिछले वर्ष सरकार ने इन पदों को 50 फीसदी सीधी भर्ती से और 50 फीसदी बैच के आधार पर भरने का निर्णय लिया था।
प्रार्थियों को टेट पास करने के बाद भी चयन प्रक्रिया से गुजरना ही पड़ेगा। 27 जून 2012 की अधिसूचना के अनुसार इन पदों की भर्ती के लिए टेट परीक्षा पास होना भी आवश्यक योग्यता रखी गई थी।
याचिका में दलील दी गई थी कि टेट परीक्षा किसी भी उम्मीदवार को नौकरी देने का जरिया नहीं हो सकता। क्योंकि यह टेस्ट केवल किसी उम्मीदवार की योग्यता को निर्धारित करता है।
प्रार्थी के अनुसार इन पदों के लिए बनाए गए भर्ती एवं पदोन्नति नियम के अनुसार टीजीटी के लिए चयन बोर्ड द्वारा आयोजित टेस्ट पास करना अनिवार्य है।
सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया है कि टीजीटी कला, नान मेडिकल और मेडिकल के पदों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के आधार पर ही भरा जाएगा।
राज्य सरकार ने टेट परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों में से पचास भर्तियां बैच के आधार पर कर दी हैं। सीधी भर्ती के लिए उम्मीदवारों को टेट परीक्षा पास करने के बाद टीजीटी कमीशन में पास होना पड़ेगा।